भोपाल। राजधानी के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। भोपाल जिला अदालत में आज उन डिजिटल साक्ष्यों पर सुनवाई होनी है, जो इस रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझाने में सबसे बड़ी कड़ी साबित हो सकते हैं। एक तरफ ट्विशा का परिवार कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को सुरक्षित रखने की गुहार लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ आरोपी पक्ष की ओर से सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को सहेजने की मांग की गई है।
सस्पेंस और सबूतों के बीच फंसी जांच
सोमवार को पुलिस की ओर से रिपोर्ट पेश न कर पाने के कारण अदालत ने सुनवाई को आगे बढ़ा दिया था। आज सबकी निगाहें कोर्ट के रुख पर टिकी हैं। ट्विशा के परिवार का आरोप है कि घटना के समय और उससे पहले हुई बातचीत के रिकॉर्ड (CDR) से कई बड़े राज खुल सकते हैं। वहीं, सास गिरिबाला सिंह की ओर से दायर आवेदन में घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की गई है, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
CBI की एंट्री: FIR री-रजिस्टर और ₹20 लाख का 'दहेज एंगल'
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) ने अब कमान पूरी तरह संभाल ली है। जांच एजेंसी ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ FIR को री-रजिस्टर किया है।
आरोप: FIR में स्पष्ट उल्लेख है कि ट्विशा को ₹20 लाख की अतिरिक्त दहेज राशि के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
जांच का केंद्र: पुलिस को सूचना देने में हुई देरी और साक्ष्यों के साथ संभावित छेड़छाड़ के पहलुओं पर भी CBI की पैनी नजर है।
जिमनास्टिक बेल्ट और 'स्पॉट वेरिफिकेशन'
डीसीपी विकास कुमार शहवाल के मुताबिक, मौत के लिए जिस जिमनास्टिक बेल्ट के इस्तेमाल की बात कही जा रही है, उसे सात दिन पहले ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की सागर लैब में जांच के लिए भेज दिया गया है।
हाल ही में SIT (विशेष जांच दल) ने समर्थ और गिरिबाला सिंह को मौके पर ले जाकर 'स्पॉट वेरिफिकेशन' भी कराया। करीब ढाई घंटे चली इस पूछताछ में पुलिस ने घटना के समय की हर गतिविधि का मिलान किया। समर्थ का दावा है कि ट्विशा अपने गर्भपात (Abortion) के बाद से ही गहरे तनाव में थी, लेकिन जांच एजेंसियां इस 'सुसाइड थ्योरी' को पूरी तरह स्वीकार करने से पहले हर वैज्ञानिक साक्ष्य को खंगाल रही हैं।
कोर्ट की सख्ती और मीडिया को सलाह
इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। जहां सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया को इस संवेदनशील मामले की रिपोर्टिंग के दौरान 'संयम' बरतने की सलाह दी है, वहीं हाईकोर्ट ने भी सास गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्या यह केवल डिप्रेशन का मामला है या फिर दहेज लोभियों की सोची-समझी साजिश? आज कोर्ट में CDR और CCTV फुटेज पर होने वाली सुनवाई इन सवालों के जवाब की ओर एक बड़ा कदम साबित होगी।
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