विदिशा भारती डेस्क। विदिशा जिले की सिरोंज जनपद पंचायत में मनरेगा योजना के तहत बने स्टॉपडेम निर्माण में गंभीर वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई है। ग्राम पंचायत घोंसुआताल में कागजों पर 15 लाख रुपये का स्टॉपडेम तैयार कर लिया गया, जबकि धरातल पर महज 1 लाख रुपये का काम हुआ। मामले की जांच रिपोर्ट मिलते ही जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोडिया ने तत्कालीन पंचायत सचिव सोहेल खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
1 लाख का काम, 13.55 लाख रुपये का भुगतान
वर्ष 2023-24 में ग्राम पंचायत घोंसुआताल में मनरेगा मद से 14.87 लाख रुपये की लागत से स्टॉपडेम की स्वीकृति मिली थी। निर्माण कार्य पूरा होने का दावा करते हुए सरकारी खजाने से भारी भरकम राशि निकाल ली गई।
जब स्थल की भौतिक जांच की गई, तब चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। मौके पर केवल 1 लाख रुपये मूल्य का ढांचा ही बना पाया गया। इसके बावजूद अभिलेखों में धांधली करके मजदूरी मद में 2.78 लाख रुपये और सामग्री मद में 10.77 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। कुल मिलाकर 13.55 लाख रुपये की सरकारी राशि का अनाधिकृत आहरण किया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई
सिरोंज जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई। जांच प्रतिवेदन में राशि के अवैध भुगतान और पद के दुरुपयोग की पुष्टि हुई।
रिपोर्ट जिला पंचायत मुख्यालय भेजी गई। जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोडिया ने पंचायत सेवा नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सचिव सोहेल खान को दोषी पाते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी किया। शासन ने अनियमितता की पूरी राशि की वसूली के निर्देश भी दिए हैं।
निलंबन अवधि में विदिशा रहेगा मुख्यालय
निलंबन के दौरान सोहेल खान का मुख्यालय जिला पंचायत कार्यालय विदिशा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। शासन स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
दो अन्य पंचायतों में नए सचिवों को प्रभार
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जनपद पंचायत सिरोंज की दो अन्य ग्राम पंचायतों में प्रभार बदले गए हैं। आगामी आदेश तक सीताराम शर्मा को ग्राम पंचायत प्याराखेड़ी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसी तरह कालूराम कुशवाह को ग्राम पंचायत अमीरगढ़ के सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है।
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