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ICU में भर्ती रिश्तेदार का झांसा देकर रिटायर्ड अफसर के परिवार से 64 हजार ऐंठे

09-08-2026  Editor Shubham Jain  11 views
ICU में भर्ती रिश्तेदार का झांसा देकर रिटायर्ड अफसर के परिवार से 64 हजार ऐंठे

विदिशा भारती न्यूज डेस्क: साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका निकाला है। ठगों ने रिश्तेदार बनकर एक रिटायर्ड अफसर के परिवार को निशाना बनाया। अस्पताल में आपातकालीन इलाज और आईसीयू का बहाना बनाकर अपराधियों ने परिवार के चार सदस्यों से कुल 64 हजार रुपये ठग लिए। फर्जी ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट दिखाकर जालसाज ने पीड़ित परिवार को अपने झांसे में लिया। घटना का पता बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर चला। शाहपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानिए क्या है पूरा मामला

भोपाल के शाहपुरा निवासी 74 वर्षीय घनश्याम प्रसाद मिश्रा उद्यमिता विकास केंद्र (CEDMAP) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। पीड़ित अधिकारी के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को घनश्याम प्रसाद मिश्रा का करीबी रिश्तेदार बताया। आरोपी ने दावा किया कि उसका एक परिचित गंभीर स्थिति में अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है। उसे तुरंत पैसों की जरूरत है।

आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए मोबाइल पर पैसे भेजने का एक फर्जी स्क्रीनशॉट भेजा। उसने दावा किया कि उसने पीड़ित के खाते में पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, जो तकनीकी खराबी के कारण कुछ समय बाद दिखाई देंगे। इमरजेंसी का हवाला देकर आरोपी ने तुरंत पैसे वापस भेजने का दबाव बनाया।

परिवार के चार सदस्यों को बनाया शिकार

ठग के झांसे में आकर घनश्याम प्रसाद मिश्रा ने सबसे पहले अपने खाते से 9 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने और पैसों की मांग की। घनश्याम मिश्रा के कहने पर परिवार के अन्य सदस्यों ने भी बताए गए बैंक खातों में रकम भेज दी:

घनश्याम प्रसाद मिश्रा: 9,000 रुपये

छोटी बहू: 25,000 रुपये

बड़ी बहू: 10,000 रुपये

इंदौर में रहने वाली बेटी: 20,000 रुपये

परिवार ने कुल मिलाकर 64,000 रुपये आरोपी के दिए गए खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

बैंक स्टेटमेंट से खुला राज

घटना के कुछ समय बाद जब घनश्याम प्रसाद मिश्रा ने अपना बैंक स्टेटमेंट चेक किया, तब ठगी का खुलासा हुआ। उनके खाते में आरोपी द्वारा भेजा गया कोई भी पैसा जमा नहीं हुआ था। जब आरोपी के नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, तो नंबर बंद मिला। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित परिवार तुरंत शाहपुरा थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस कर रही है।

साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानियां

अनजान नंबर से आए फोन पर किसी भी रिश्तेदार के नाम पर तुरंत भरोसा न करें।

ऑनलाइन ट्रांसफर का स्क्रीनशॉट मिलने पर केवल उस पर विश्वास न करें; अपने बैंक ऐप में बैलेंस जरूर जांचें।

बिना पुष्टि किए किसी भी अज्ञात खाते में पैसे न भेजें।

आपात स्थिति का दावा करने वाले व्यक्ति की पहचान दूसरे पारिवारिक सदस्यों से फोन करके सत्यापित करें।

साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।


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