विजय शर्मा मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्थित ऐतिहासिक विजय मंदिर यानी बीजामंडल को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आगामी नागपंचमी के पवित्र अवसर पर इस प्राचीन स्थल को श्रद्धालुओं के पूजन के लिए खोलने की मांग जोर पकड़ रही है। विदिशा के विधायक मुकेश टंडन ने इस संबंध में केंद्र सरकार और राज्य सरकार के जिम्मेदार मंत्रियों को औपचारिक मांग पत्र सौंपा है। विधायक ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को पत्र भेजकर इस धार्मिक विषय पर तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
विजय मंदिर विदिशा की प्राचीन धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का सबसे बड़ा केंद्र है। यह पुरातात्विक स्थल वर्तमान समय में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI के कड़े संरक्षण में आता है। विभागीय नियमों के कारण इस मंदिर के मुख्य द्वार पर हमेशा ताला लगा रहता है। नागपंचमी के पावन पर्व पर हर साल हजारों श्रद्धालु इस स्थल पर पूजा करने पहुंचते हैं। कड़े प्रशासनिक नियमों और अभिलेखीय स्थिति के कारण मंदिर का द्वार नहीं खोला जाता है। इस वजह से श्रद्धालुओं को मजबूरन मंदिर के बाहर से ही पूजा-अर्चना करके संतोष करना पड़ता है। इस स्थिति से स्थानीय जनता में लगातार असंतोष बढ़ता जा रहा है। विधायक मुकेश टंडन ने इसी पुरानी परंपरा और जनता की गहरी आस्था का सम्मान करने की बात उठाई है।
विधायक मुकेश टंडन ने अपने मांग पत्र में बहुत स्पष्ट बिंदुओं के माध्यम से व्यावहारिक समाधान मांगा है।
* नागपंचमी के पावन दिन पर सीमित समय के लिए विजय मंदिर का ताला खोला जाए।
* भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की सीधी निगरानी में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाए।
* जिला प्रशासन और एएसआई मिलकर स्मारक की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम करें।
* ऐतिहासिक और पुरातात्विक अभिलेखों की विशेषज्ञ समिति से गहन समीक्षा कराई जाए।
* नागपंचमी पर हर साल पूजा की अनुमति के संबंध में एक स्थायी व्यवस्था बनाई जाए।
विजय मंदिर के ऐतिहासिक स्वरूप और वर्तमान पहचान को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों और अभिलेखीय स्थिति को लेकर स्पष्टता का अभाव है। विधायक ने मांग पत्र में विशेष रूप से आग्रह किया है कि विशेषज्ञ समिति सभी प्राचीन दस्तावेजों की गहराई से जांच करे। इससे वस्तुस्थिति जनता के सामने साफ हो जाएगी। आस्था और पुरातात्विक संरक्षण दोनों का एक साथ सम्मान करना संभव हो सकेगा। केंद्र सरकार का संस्कृति मंत्रालय और मध्य प्रदेश शासन का संस्कृति विभाग इस विषय में संवेदनशीलता दिखाएं।
विदिशा की जनता लंबे समय से विजय मंदिर के पट नागपंचमी के दिन खोलने की मांग कर रही है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि सीमित अनुमति देने से किसी भी पुरातात्विक धरोहर को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। प्रशासन यदि सख्त निगरानी रखेगा तो कानून व्यवस्था भी पूरी तरह नियंत्रण में रहेगी। विधायक मुकेश टंडन के इस सक्रिय कदम से पूरे शहर में एक नई उम्मीद जागी है। अब सभी लोगों की निगाहें केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं। विदिशा भारती इस मामले की हर अपडेट आप तक लगातार पहुंचाता रहेगा।
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