इंदौर। शहर के नवलखा स्थित स्नेह नगर के एक बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब डी-ब्लॉक की करीब 40 साल पुरानी लिफ्ट अचानक नीचे जा गिरी। हादसे में लिफ्ट में सवार करीब 7 लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें अंकित ढीगरा के पैर में गंभीर चोट आने की जानकारी सामने आई है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी अनिल गुप्ता के मुताबिक हादसे में घायल अंकित ढीगरा के पैर में चोट आई है। अन्य घायलों का भी उपचार कराया जा रहा है।
पंजाब से आए थे रिश्तेदार
जानकारी के मुताबिक मनोज ढीगरा के घर पंजाब से करीब छह रिश्तेदार इंदौर आए हुए थे। इनमें मुस्कान, अरविंदर कुमार, रमेश कुमार, शुभम, आशा और अनिता शामिल हैं। मंगलवार को परिवार के लोग कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट से जा रहे थे, तभी अचानक लिफ्ट नीचे गिर गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को बाहर निकालने में मदद की और पुलिस को सूचना दी।
चार लोगों की क्षमता, सात लोग सवार
प्रारंभिक जानकारी में लिफ्ट की क्षमता और उसमें सवार लोगों की संख्या को लेकर महत्वपूर्ण बात सामने आई है। चौकीदार लखन के मुताबिक लिफ्ट में क्षमता से अधिक लोग सवार हो गए थे। बताया जा रहा है कि लिफ्ट में अधिकतम चार लोगों के सवार होने की क्षमता थी, जबकि हादसे के समय करीब सात लोग उसमें मौजूद थे।
हालांकि हादसे की वास्तविक वजह क्या रही, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। क्षमता से अधिक वजन के अलावा लिफ्ट की पुरानी तकनीक और उसकी मौजूदा स्थिति की भी जांच जरूरी मानी जा रही है।
40 साल पुरानी लिफ्ट, पहले भी हुए हादसे
हादसे के बाद कॉम्प्लेक्स की लिफ्ट को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार करीब 50 साल पुरानी इमारत में लगी यह लिफ्ट लगभग 40 साल पुरानी है। रहवासियों का दावा है कि इसी लिफ्ट में पहले भी दो बार हादसे हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पुरानी लिफ्ट के रखरखाव और उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। मंगलवार को हुए हादसे ने इन चिंताओं को फिर सामने ला दिया है।
जांच के बाद सामने आएगी हादसे की असली वजह
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के पीछे क्षमता से अधिक लोगों का लिफ्ट में सवार होना, तकनीकी खराबी, रखरखाव की स्थिति या अन्य कोई कारण रहा, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
घटना के बाद यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पुरानी बहुमंजिला इमारतों में संचालित लिफ्टों की नियमित तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर पर हो रहा है। यदि लिफ्ट पहले भी हादसों का कारण बन चुकी थी, तो उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था की भी जांच की आवश्यकता है।
फिलहाल घायलों का उपचार जारी है और पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है।
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