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विदिशा में बड़ा छापा: श्याम डेयरी में अस्वच्छ माहौल में बन रहा था घी जैसा उत्पाद

23-09-2026  Vidisha Raghvendra dangi  79 views
विदिशा में बड़ा छापा: श्याम डेयरी में अस्वच्छ माहौल में बन रहा था घी जैसा उत्पाद

विदिशा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच विदिशा में खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। 23 सितंबर की शाम ईदगाह रोड स्थित श्याम डेयरी इंडस्ट्री में संभागीय खाद्य सुरक्षा उड़नदस्ता और जिला प्रशासन की टीम ने अचानक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को परिसर में खाद्य पदार्थों के निर्माण और पैकेजिंग से जुड़ी कई अनियमितताएं मिलीं।

अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में मल्टीपर्पस वेजिटेबल फैट का इस्तेमाल कर घी और घी जैसे दिखने वाले उत्पाद तैयार किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने विभिन्न खाद्य सामग्री, पैकेजिंग सामग्री और उपकरणों को अपने नियंत्रण में लिया। जनहित में मिलावट की आशंका के चलते करीब 750 किलोग्राम सामग्री सील की गई है। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 4.50 लाख रुपये बताई गई है।

शाम 5:30 बजे अचानक पहुंची खाद्य सुरक्षा टीम

बताया गया कि 23 सितंबर को शाम करीब 5:30 बजे संभागीय खाद्य सुरक्षा उड़नदस्ता ईदगाह रोड स्थित श्याम डेयरी इंडस्ट्री पहुंचा। अचानक हुई कार्रवाई से फैक्ट्री परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई।

निरीक्षण के दौरान टीम ने निर्माण और प्रोसेसिंग यूनिट का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर मानव उपभोग के लिए इस्तेमाल होने वाले मल्टीपर्पस वेजिटेबल फैट से कृत्रिम घी और घी जैसे उत्पाद तैयार किए जा रहे थे।

टीम ने तत्काल प्रोसेसिंग यूनिट को अपने नियंत्रण में लिया और मौके पर मौजूद सामग्री की जांच शुरू की।

4.50 लाख रुपये की सामग्री कार्रवाई के दायरे में

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री से अलग-अलग ब्रांड और पैकेजिंग में खाद्य सामग्री मिली। अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई सामग्री में लगभग 40 किलोग्राम बटर एवं सब-कढ़ाई, अरिहंत ब्रांड गाय घी के 15-15 किलोग्राम के 13 खुले और 15 सीलबंद टिन शामिल बताए गए हैं।

इसके अलावा कामधेनु और देहाती ब्रांड के घी के 200 मिलीलीटर, 450 मिलीलीटर और 1 लीटर के पैकेट भी मौके पर मिले।

जांच के दौरान कामधेनु गोल्ड देसी भोग नाम से मल्टीपर्पस वेजिटेबल फैट के 450 मिलीलीटर के 132 नग और 200 मिलीलीटर के 76 नग भी कार्रवाई के दायरे में लिए गए।

फैक्ट्री परिसर में करीब 900 किलोग्राम क्षमता का घी संग्रहण टैंक, प्रोसेसिंग उपकरण और पैकेजिंग मशीनें भी मिलीं।

प्रशासन ने मिलावट की आशंका और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के मद्देनजर करीब 750 किलोग्राम सामग्री को सील किया है। जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 4.50 लाख रुपये बताया गया है।

FSSAI लाइसेंस को लेकर भी सामने आई अनियमितताएं

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने FSSAI लाइसेंस से संबंधित कई बिंदुओं पर भी आपत्तियां दर्ज कीं। अधिकारियों के अनुसार, लाइसेंस में मल्टीपर्पस वेजिटेबल फैट के उपयोग या निर्माण की स्वीकृति दर्ज नहीं थी।

इसके अलावा लाइसेंस में दर्ज टेक्निकल पर्सन इन-चार्ज आनंद अग्रवाल निरीक्षण के समय मौके पर मौजूद नहीं मिले।

टीम को फैक्ट्री परिसर में स्वच्छता से जुड़ी स्थितियां भी संतोषजनक नहीं मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, निर्माण स्थल के पास खाद्य रंगों की बोतलें खुले में पड़ी थीं और परिसर में गंदगी एवं अस्वास्थ्यकर परिस्थितियां पाई गईं।

खाद्य पदार्थों के निर्माण से जुड़े प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान मिली स्थितियों को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया।

घी और वेजिटेबल फैट के लिए गए नमूने

कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग उत्पादों के नमूने भी जांच के लिए लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कुदसिया ने गाय का मक्खन, गाय घी (अरिहंत) और कामधेनु घी के नमूने लिए।

वहीं अधिकारी कल्पना आरजिया ने अरिहंत घी, मल्टीपर्पस वेजिटेबल फैट और लूज घी के रेगुलेटरी नमूने लिए। इन नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के लिए भेजा गया है।

इन नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट होगी।

कार्रवाई के बाद लाइसेंस पर भी रोक

नमूना लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नायब तहसीलदार और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में जब्त सामग्री को फैक्ट्री परिसर के एक कमरे में रखकर सील किया गया।

संबंधित कारोबारी के FSSAI लाइसेंस नंबर 11414090000162 के तहत अग्रिम आदेश तक किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने पर रोक लगाई गई है।

फिलहाल इस कार्रवाई के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की आगे की प्रक्रिया जांच रिपोर्ट और संबंधित नियमों के तहत होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

जांच रिपोर्ट से साफ होगी उत्पादों की गुणवत्ता

विदिशा में हुई इस कार्रवाई के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल जब्त उत्पादों की वास्तविक गुणवत्ता को लेकर है। अधिकारियों ने जिन उत्पादों के नमूने लिए हैं, उनकी प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

फिलहाल प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए सामग्री को सील किया है और संबंधित प्रतिष्ठान की व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर जांच अभियान चलाए जा रहे हैं। अब निगाहें नमूनों की जांच रिपोर्ट और विभाग की आगामी कार्रवाई पर रहेंगी।


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