नरेंद्र दांगी गंजबासौदा मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में सरकार की समर्थन मूल्य (MSP) मूंग खरीदी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। गंजबासौदा स्थित बंजारी माता वेयर हाउस खरीदी केंद्र पर चल रही धांधली पर प्रशासनिक अमले ने अचानक दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर के कड़े रुख के बाद एसडीएम, तहसीलदार, डीडीए कृषि विभाग, एसएडीओ और मंडी सचिव की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। अमानक मूंग खरीदकर शासन को लाखों रुपये की चपत लगाने के इस खेल में खरीदी केंद्र प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा गंजबासौदा समिति को मूंग उपार्जन के काम से पूरी तरह बेदखल कर दिया गया है।
विदिशा भारती की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि कैसे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा रही थी और अब किसानों की मूंग खरीदी के लिए प्रशासन ने क्या वैकल्पिक इंतजाम किए हैं।
सरकारी खजाने को 4.56 लाख की चपत लगाने की साजिश, ऐसे हुआ खुलासा
गंजबासौदा के बंजारी माता वेयर हाउस पर 6 अगस्त से 7 अगस्त 2026 के बीच कुल 104 किसानों से 930 क्विंटल मूंग खरीदी दर्ज की गई थी। कागजों में सब कुछ दुरुस्त दिखाया जा रहा था, लेकिन हकीकत कुछ और ही थी। जब प्रशासनिक टीम ने गोदाम के भीतर जाकर एक-एक बोरी का निरीक्षण किया, तो वहां 105 बोरी नॉन-एफएक्यू (Non-FAQ यानी अमानक और गुणवत्ताहीन) मूंग मिली।
चौंकाने वाली बात यह रही कि इन बोरियों पर बाकायदा बारकोड, टैग और सिलाई लग चुकी थी। नियमों के मुताबिक खराब मूंग को ऑनलाइन सिस्टम में तुरंत रिजेक्ट किया जाना चाहिए था और उसका सैंपल अलग रजिस्टर में दर्ज होना था। लेकिन सर्वेयर प्रद्युम्न यादव ने इस खराब अनाज का सैंपल ऑनलाइन रिजेक्ट ही नहीं किया। वहीं दूसरी तरफ केंद्र प्रभारी आशीष शर्मा ने बिना एफएक्यू सर्टिफिकेट के ही इस घटिया मूंग की तुलाई करवा ली और बोरियों को वेयर हाउस के अंदर रखवा दिया।
जांच अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, केंद्र प्रभारी और सर्वेयर की इस मिलीभगत और लापरवाही के कारण मध्य प्रदेश राज्य विपणन संघ और राज्य सरकार को लगभग 4,56,750 रुपये का सीधा आर्थिक नुकसान होना तय था।
ओपन एयर तुलाई और नियमों की धज्जियां: किसानों का अनाज बाहर लावारिस!
जांच टीम जब बंजारी माता वेयर हाउस परिसर के बाहर पहुंची, तो वहां मूंग उपार्जन नीति के खुले उल्लंघन की एक और तस्वीर सामने आई। गोदाम के बाहर तिरपाल से ढकी हुई ढेरों बोरियां रखी पाई गईं। ये बोरियां ग्राम पुरवाई के किसान बद्री सिंह (28.5 क्विंटल), हरि सिंह (16.5 क्विंटल), कुलदीप सिंह (18 क्विंटल), राजेंद्र सिंह (09 क्विंटल) के अलावा सविता प्रदीप सिंह और स्नेहा प्रदीप सिंह की थीं।
जांच में यह मूंग तो मानक (FAQ) पाई गई, लेकिन केंद्र प्रभारी ने इस तुली हुई मूंग को अंदर सुरक्षित रखने के बजाय बाहर खुले में बारकोड और सिलाई लगाकर छोड़ रखा था। यह सरकारी खरीदी के स्पष्ट नियमों का उल्लंघन है, जिससे बारिश या चोरी की स्थिति में अनाज बर्बाद हो सकता था।
प्रशासन का कड़ा हंटर: FIR का आवेदन, सस्पेंशन और समिति पर बैन
धांधली की परतें खुलते ही जिला प्रशासन ने बिना देर किए आरोपियों पर ताबड़तोड़ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है:
* सर्वेयर पर पुलिस केस: बासौदा के नोडल अधिकारी ने अमानक मूंग को बिना रिजेक्ट किए पास करने वाले सर्वेयर प्रद्युम्न यादव के खिलाफ बासौदा थाने में एफआईआर दर्ज कराने हेतु लिखित आवेदन सौंप दिया है।
* केंद्र प्रभारी निलंबित: घटिया मूंग की तुलाई कराने और नियमों को ताक पर रखने वाले केंद्र प्रभारी आशीष शर्मा को विपणन समिति प्रबंधक द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
* मंडी निरीक्षक को कमान: 6 और 7 अगस्त को खरीदी गई पूरी मूंग की गुणवत्ता दोबारा जांचने के लिए मंडी निरीक्षक की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। शुरुआती रैंडम चेकिंग में भी खरीदी गई मूंग गुणवत्ताहीन निकली है।
* गंजबासौदा समिति बेदखल: शासन के नियमों की अवहेलना करने पर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति गंजबासौदा को मूंग खरीदी के पूरे काम से तत्काल प्रभाव से पृथक (ब्लैकलिस्ट) कर दिया गया है।
किसानों के लिए राहत की खबर: सोमवार 10 अगस्त से किरवाया समिति संभालेगी मोर्चा
गंजबासौदा केंद्र पर हुई इस बड़ी कार्रवाई के बाद उन किसानों के मन में चिंता पैदा हो गई थी, जिन्होंने अपनी मूंग बेचने के लिए स्लॉट बुक कर रखा है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी पंजीकृत और असली किसान को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
सोमवार, 10 अगस्त 2026 से किरवाया सहकारी समिति को बासौदा में मूंग उपार्जन का नया प्रभार सौंप दिया गया है। इसके साथ ही एक नया सर्वेयर भी तैनात कर दिया गया है। जिन पंजीकृत किसानों ने उपार्जन के लिए अपना स्लॉट बुक कराया है, उनकी मूंग की खरीदी किरवाया समिति और नए सर्वेयर की देखरेख में बिना किसी रुकावट के निरंतर जारी रहेगी।
विदिशा भारती का संदेश
किसानों के हक पर डाका डालने वाले और सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले भ्रष्ट कर्मचारियों पर यह कार्रवाई एक बड़ा सबक है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर आप भी किसी केंद्र पर अमानक खरीदी या अनियमितता देखते हैं, तो तुरंत नजदीकी प्रशासनिक अधिकारियों या विदिशा भारती टीम को सूचित करें।
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