छिंदवाड़ा। लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। गुरुवार को EOW की टीम ने अधिकारी से जुड़े छिंदवाड़ा, बालाघाट और भोपाल स्थित आवासों पर एक साथ दबिश दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से विभागीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत के आधार पर की जा रही है। EOW की अलग-अलग टीमों द्वारा संबंधित ठिकानों पर पहुंचकर दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की जांच की जा रही है। कार्रवाई के दौरान टीम ने घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य सामान की भी पड़ताल शुरू की है।
डीएसपी मनजीत सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार EOW की कार्रवाई डीएसपी मनजीत सिंह के नेतृत्व में की जा रही है। टीम ने एक साथ कई स्थानों पर पहुंचकर जांच शुरू की, जिससे संबंधित अधिकारी और विभाग में खलबली मच गई।
छापे के दौरान अधिकारियों की टीम द्वारा घर में मौजूद दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। विशेष रूप से संपत्ति, वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड से संबंधित कागजात की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से जुड़े कोई दस्तावेज या अन्य साक्ष्य इन ठिकानों से मिलते हैं या नहीं।
छिंदवाड़ा, बालाघाट और भोपाल में एक साथ कार्रवाई
EOW की कार्रवाई का दायरा एक स्थान तक सीमित नहीं है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक छिंदवाड़ा, बालाघाट और भोपाल में स्थित आवासों पर एक साथ दबिश दी गई है। अलग-अलग टीमों द्वारा अपने-अपने स्तर पर दस्तावेज और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है।
एक साथ कई ठिकानों पर हुई कार्रवाई को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से तलाशी में अब तक क्या-क्या मिला है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच
छापे के दौरान EOW की टीम द्वारा संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। जांच टीम यह भी देख रही है कि अधिकारी की घोषित संपत्तियों और उपलब्ध रिकॉर्ड के बीच किसी तरह की विसंगति तो नहीं है।
इसके अलावा बैंकिंग लेनदेन, वित्तीय दस्तावेज, जमीन-जायदाद से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड की भी जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन सभी बिंदुओं की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से हो सकेगी।
नोट गिनने की मशीन और सोना-चांदी नापने के उपकरण की मांग
कार्रवाई से जुड़ी एक अहम जानकारी यह भी सामने आई है कि सूत्रों के अनुसार जांच टीम की ओर से नोट गिनने की मशीन तथा सोना-चांदी नापने के उपकरण भी मंगाए गए हैं। हालांकि, इन उपकरणों की आवश्यकता किस आधार पर पड़ी और तलाशी के दौरान वास्तव में कितनी नकदी या कीमती धातु मिली है, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
ऐसे में इन दावों को लेकर अंतिम तस्वीर EOW की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही साफ हो सकेगी।
भ्रष्टाचार की शिकायत बनी कार्रवाई का आधार
बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत EOW तक पहुंची थी। शिकायत की जांच के बाद टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई शुरू की है।
EOW की जांच का उद्देश्य शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित साक्ष्यों को जुटाना और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करना है। जांच एजेंसी द्वारा बरामद दस्तावेजों और अन्य सामग्री का मिलान संबंधित रिकॉर्ड से किया जा सकता है।
PWD विभाग में कार्रवाई से बढ़ी हलचल
लोक निर्माण विभाग में प्रभारी कार्यपालन यंत्री से जुड़े ठिकानों पर EOW की इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। खासकर निर्माण कार्यों, विभागीय भुगतान, ठेकों और संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि, इन बिंदुओं पर फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच एजेंसी की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जांच के दौरान कौन-कौन से महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं।
कार्रवाई जारी, रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल EOW की टीम संबंधित ठिकानों पर दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच में जुटी हुई है। छापे की कार्रवाई पूरी होने के बाद जब्त सामग्री, दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की जांच को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अब नजर इस बात पर है कि EOW की जांच में क्या सामने आता है और जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर कौन-कौन से तथ्य सार्वजनिक किए जाते हैं।
नोट: यह खबर उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी और सूत्रों के आधार पर तैयार की गई है। भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और सक्षम एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही मानी जाएगी।
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