वसीम कुरेशी रायसेन/सांची। सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में आज से शतरंज और शारीरिक स्वास्थ्य पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत हो गई। इस अनूठे शिविर में विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी भी उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं। खास बात यह है कि शिविर में केवल शतरंज की बिसात पर चाल चलना ही नहीं सिखाया जा रहा, बल्कि प्रतिभागियों को जीवनभर स्वस्थ और सक्रिय रहने के तरीके भी बताए जा रहे हैं।
शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक एकाग्रता के साथ शारीरिक फिटनेस के प्रति जागरूकता पैदा करना है। बड़ी संख्या में छात्र शिविर में पहुंचे और विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। आयोजन में शतरंज को मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता बढ़ाने वाली गतिविधि के रूप में भी समझाया गया।
‘स्वस्थ जीवन सबसे बड़ा वरदान’
विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव एवं सहायक निदेशक (खेल) श्री विवेक पाण्डेय ने स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन इंसान के लिए सबसे बड़ा वरदान है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए और रोजमर्रा की जिंदगी में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करना चाहिए।
उन्होंने प्रतिभागियों को समझाया कि स्वस्थ रहने के लिए केवल जिम जाना ही जरूरी नहीं है। अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार नियमित व्यायाम, योग, पैदल चलना, तैराकी और जॉगिंग जैसी गतिविधियों को जीवनशैली का हिस्सा बनाया जा सकता है।
जिम से लेकर योग और तैराकी तक की जानकारी
शिविर में छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। जिम, सामान्य व्यायाम-कसरत, योग, पैदल चलना, तैराकी और जॉगिंग जैसी गतिविधियों के बीच अंतर समझाया गया।
प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि अलग-अलग एक्सरसाइज का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है और किस प्रकार की गतिविधि से कितनी ऊर्जा खर्च हो सकती है। छात्रों ने विशेष रुचि के साथ यह जानकारी हासिल की कि विभिन्न एक्सरसाइज में कैलोरी बर्न होने का स्तर किस प्रकार अलग-अलग होता है।
डाइट और फास्टिंग पर भी चर्चा
शिविर में डाइट, खानपान और उपवास (फास्टिंग) जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को स्वस्थ खानपान की आदतों और संतुलित जीवनशैली के महत्व को समझाया गया।
शिविर में मौजूद लोगों ने डाइट और खानपान से जुड़े कई सवाल भी पूछे। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए नियमितता और संतुलन को महत्वपूर्ण बताया।
छात्रों ने लिया रोज एक्सरसाइज करने का संकल्प
प्रशिक्षण शिविर में शामिल प्रतिभागियों ने अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता दिखाते हुए संकल्प लिया कि वे हर दिन किसी न किसी रूप में एक्सरसाइज जरूर करेंगे। विद्यार्थियों ने माना कि पढ़ाई और अन्य जिम्मेदारियों के साथ शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी जरूरी है।
पहली बार शतरंज खेलने वाले छात्रों में दिखा उत्साह
शिविर का दूसरा प्रमुख आकर्षण शतरंज प्रशिक्षण रहा। कई छात्रों ने पहली बार शतरंज खेला और इस खेल की बुनियादी चालों तथा रणनीतियों को समझा। विद्यार्थियों ने शतरंज की बिसात पर अलग-अलग चालों को आजमाया और खेल के दौरान एकाग्रता तथा सोचने की क्षमता का अनुभव किया।
छात्रों ने महसूस किया कि शतरंज केवल मनोरंजन का खेल नहीं है, बल्कि यह मानसिक एकाग्रता और दिमागी सक्रियता के लिए भी उपयोगी अभ्यास हो सकता है। खेल के दौरान आगे की चाल का अनुमान लगाना, रणनीति बनाना और निर्णय लेना विद्यार्थियों के लिए नया और रोचक अनुभव रहा।
मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस का संगम
विश्वविद्यालय का यह 15 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर विद्यार्थियों को एक ऐसा मंच दे रहा है, जहां शतरंज के जरिए मानसिक सक्रियता और व्यायाम के जरिए शारीरिक फिटनेस पर एक साथ ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन में शामिल प्रतिभागियों का उत्साह देखते हुए उम्मीद है कि शिविर के दौरान स्वस्थ जीवनशैली और खेलों के प्रति विद्यार्थियों की रुचि और मजबूत होगी।
विदिशा भारती के लिए विशेष रिपोर्ट।
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