Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / विदिशा समाचार / गर्म किया तो दूध बना रबड़-जैली! बागली में वायरल वीडियो

गर्म किया तो दूध बना रबड़-जैली! बागली में वायरल वीडियो

01-09-2026  Editor Shubham Jain  19 views
गर्म किया तो दूध बना रबड़-जैली! बागली में वायरल वीडियो

देवास/बागली। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही बाजार में दूध, मावा, पनीर और मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इसी बीच मध्यप्रदेश के देवास जिले के बागली क्षेत्र से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। वीडियो में कथित तौर पर दूध को गर्म करने के बाद उसका स्वरूप बदलकर जैली या रबड़ जैसी ठोस सामग्री में बदलता दिखाई दे रहा है।

दूध को हाथ से खींचने पर उसके रबड़ की तरह खिंचने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, दूध में किस पदार्थ की मिलावट थी या वह वास्तव में मिलावटी था, इसकी पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही हो सकेगी।

मामला बागली से सटे ग्राम छतरपुरा का बताया जा रहा है, जहां रहने वाले राहुल पाटीदार ने इस घटना की जानकारी दी है।

27 अगस्त को खरीदा था दूध

राहुल पाटीदार के अनुसार, उन्होंने 27 अगस्त को बागली की एक निजी दूध डेयरी से दूध खरीदा था। घर लाने के बाद जब दूध को गर्म किया गया तो सामान्य रूप से फटने या मलाई बनने के बजाय उसका स्वरूप बदलने लगा।

परिवार के मुताबिक गर्म करने के बाद दूध से ऐसी सामग्री बनी, जो देखने में जैली या रबड़ जैसी नजर आ रही थी। इसे हाथ से खींचने पर वह चिंगम की तरह खिंचती दिखाई दी।

इसी घटना का वीडियो बनाया गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

डेयरी संचालक ने बताया अलग कारण

राहुल पाटीदार का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में डेयरी संचालक से शिकायत की तो संचालक की ओर से इसे गाय के दूध की “तासीर” से जोड़कर बताया गया।

हालांकि उपभोक्ता के अनुसार, इसी तरह की शिकायत चार से पांच अन्य लोगों ने भी की थी। इससे परिवार की चिंता और बढ़ गई।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सभी शिकायतों में दूध एक ही स्रोत से आया था या अलग-अलग जगहों से। इस सवाल का जवाब खाद्य विभाग द्वारा लिए जाने वाले नमूनों और उनकी जांच के बाद ही सामने आएगा।

परिवार को सताने लगा बड़ा डर

परिवार का कहना है कि दूध को गर्म करने के बाद उसका असामान्य रूप सामने आया, लेकिन अगर इसे बिना गर्म किए ही पी लिया जाता तो क्या होता? यही सवाल परिवार को परेशान कर रहा है।

हालांकि इस दूध के सेवन से किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी नुकसान हुआ है या नहीं, इसकी कोई चिकित्सकीय पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल स्वास्थ्य पर असर को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

फिर भी मामला खाद्य सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण लोगों में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

त्योहार से पहले भारतीय किसान संघ ने भी उठाया था मुद्दा

मामला सामने आने के बाद यह तथ्य भी चर्चा में है कि त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले भारतीय किसान संघ की ओर से हाटपीपल्या में तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में कथित तौर पर बिक रहे केमिकलयुक्त दूध, मिलावटी मावे और पनीर को लेकर शिकायत की गई थी।

ज्ञापन में खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायतों पर कार्रवाई की मांग की गई थी। अब बागली क्षेत्र में दूध का यह मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल फिर उठने लगे हैं।

खाद्य विभाग ने जांच की बात कही

मामले में खाद्य अधिकारी हिमाली सोनपातिक से संपर्क किया गया। उन्होंने देवास में होने की जानकारी देते हुए बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है।

अधिकारी के अनुसार संबंधित डेयरी से दूध के सैंपल लिए जाएंगे और उन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा।

यही जांच इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी होगी। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा कि दूध में किसी तरह की मिलावट थी या गर्म करने के दौरान किसी अन्य कारण से उसकी संरचना बदली।

वायरल वीडियो से उठे कई सवाल

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों के बीच कई सवाल खड़े हो गए हैं।

क्या दूध वास्तव में मिलावटी था? उसमें कौन सा पदार्थ मौजूद था? क्या यह दूध किसी एक डेयरी से ही आया था? क्या अन्य उपभोक्ताओं ने भी इसी तरह की शिकायत की है? और सबसे अहम सवाल—खाद्य विभाग त्योहारों के दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पादों की नियमित जांच कितनी प्रभावी तरीके से कर रहा है?

इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल पाएंगे।

मिलावट के खिलाफ कार्रवाई जरूरी

त्योहारों के दौरान दूध, मावा, पनीर और मिठाइयों की खपत अचानक बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग और संदिग्ध सामग्री की जांच उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

अगर जांच में दूध के नमूने में किसी प्रतिबंधित या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पदार्थ की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं यदि नमूना मानकों के अनुरूप पाया जाता है, तो वायरल वीडियो के पीछे वास्तविक कारण भी स्पष्ट किया जाना जरूरी होगा।

अब लैब रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल बागली के इस मामले में वायरल वीडियो और उपभोक्ता के दावे के अलावा अंतिम वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए दूध को सीधे “केमिकलयुक्त” या “जहरीला” घोषित करना जल्दबाजी होगी।

खाद्य विभाग द्वारा सैंपल लेने और उन्हें प्रयोगशाला भेजने की जानकारी के बाद अब सभी की निगाह जांच रिपोर्ट पर है। लैब रिपोर्ट से ही साफ होगा कि दूध की असामान्य स्थिति का कारण क्या था और क्या इसमें किसी प्रकार की मिलावट पाई गई।

त्योहारों के बीच सामने आया यह मामला इतना जरूर बताता है कि उपभोक्ताओं को खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्क रहना चाहिए और संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर संबंधित विभाग को तत्काल सूचना देनी चाहिए।

बागली के दूध का मामला फिलहाल जांच के दरवाजे पर खड़ा है—वायरल वीडियो ने सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं, लेकिन अंतिम सच लैब रिपोर्ट ही बताएगी।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy