विदिशा। वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए विदिशा पुलिस की ओर से संचालित सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत में एक बार फिर संवेदनशील मामलों की सुनवाई की गई। बुधवार को आयोजित बैठक में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े कुल 4 प्रकरणों को सुना गया। इनमें पारिवारिक कलह से लेकर संपत्ति और भूमि विवाद तक के मामले शामिल रहे।
पुलिस पंचायत में दोनों पक्षों की बात धैर्यपूर्वक सुनी गई और जहां संभव हुआ, वहां आपसी संवाद, समझाइश और सहमति के माध्यम से विवाद खत्म कराने का प्रयास किया गया। वहीं एक भूमि विवाद ऐसा भी सामने आया, जिसमें वैधानिक कार्रवाई की जरूरत महसूस होने पर प्रकरण को थाना कोतवाली भेजा गया।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस बैठक में पंचायत कोर कमेटी के सदस्य डॉ. सचिन गर्ग भी मौजूद रहे।
बुजुर्गों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया
सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विवादों को संवेदनशील तरीके से समझकर उनका उचित समाधान तलाशना है।
बैठक में सामने आए मामलों में परिवार के सदस्यों के बीच विवाद और संपत्ति से जुड़े मुद्दों पर दोनों पक्षों की बात सुनी गई। पुलिस पंचायत ने वर्षों से चले आ रहे विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार जिन मामलों में आपसी सहमति से समाधान की संभावना थी, उनमें दोनों पक्षों को समझाइश दी गई। वहीं जहां मामला कानूनी कार्रवाई की मांग करता था, वहां संबंधित थाना स्तर पर कार्रवाई के लिए प्रकरण भेजा गया।
पोतों से विवाद में बुजुर्ग महिला को मिली राहत
बैठक में एक वरिष्ठ महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके स्वर्गीय पुत्र के दोनों बेटे कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज करते हैं और उन्हें घर से बाहर निकालने की धमकी देते हैं।
मामला सामने आने के बाद पंचायत कोर कमेटी ने बुजुर्ग महिला और उनके दोनों पोतों की बात अलग-अलग और फिर आपसी संवाद के माध्यम से सुनी।
पंचायत में धैर्यपूर्वक बातचीत और समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद को समाप्त कराने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार मामले का समाधान आपसी सहमति से कराया गया।
सुनवाई के बाद वरिष्ठ महिला ने अपने दोनों पोतों के साथ प्रसन्नता व्यक्त की और पुलिस पंचायत की कार्रवाई पर संतोष जताया।
यह मामला इस बात का उदाहरण रहा कि परिवार के भीतर पैदा हुए विवाद को यदि समय रहते बातचीत और समझदारी से सुलझाने का प्रयास किया जाए तो रिश्तों में आई दूरी कम की जा सकती है।
बेटे पर भूमि गिरवी रखने का आरोप
दूसरे मामले में एक बुजुर्ग ने शिकायत की कि उनका पुत्र कथित तौर पर उनकी भूमि को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रखकर राशि प्राप्त कर रहा है।
बुजुर्ग ने यह भी आरोप लगाया कि उनका पुत्र उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस पंचायत में बुजुर्ग और उनके पुत्र दोनों पक्षों की बात सुनी गई।
पंचायत ने मामले की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए दोनों पक्षों से जानकारी ली। सुनवाई के बाद यह मामला केवल आपसी समझाइश तक सीमित रखने के बजाय उचित वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना कोतवाली भेज दिया गया।
अब संबंधित पुलिस थाना स्तर पर मामले के तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो अन्य मामलों में अगली तारीख तय
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े दो अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की गई। इन मामलों में तत्काल अंतिम निर्णय के बजाय आगे की प्रक्रिया के लिए अगली तारीख निर्धारित की गई।
कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पक्षकारों को समय दिया गया, जबकि कुछ मामलों में संबंधित पक्षों और साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इससे स्पष्ट है कि पुलिस पंचायत में केवल जल्दबाजी में विवाद खत्म करने के बजाय मामले की पूरी स्थिति समझने पर भी जोर दिया जा रहा है।
संवाद से समाधान पर पुलिस का जोर
सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता संवाद और समझाइश के जरिए विवादों का समाधान तलाशना है।
वरिष्ठ नागरिकों के पारिवारिक विवाद अक्सर भावनात्मक और संवेदनशील होते हैं। ऐसे मामलों में सीधे कानूनी कार्रवाई के बजाय यदि दोनों पक्षों को एक मंच पर बैठाकर उनकी बात सुनी जाए तो कई विवादों का समाधान परिवार के स्तर पर ही संभव हो सकता है।
इसी सोच के साथ विदिशा पुलिस की यह पहल वरिष्ठ नागरिकों को अपनी समस्याएं रखने के लिए एक मंच उपलब्ध करा रही है।
जहां जरूरत, वहां कानूनी कार्रवाई भी
हालांकि पुलिस पंचायत का फोकस आपसी संवाद और समाधान पर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई नहीं होगी।
भूमि विवाद वाले मामले को थाना कोतवाली भेजा जाना इसका उदाहरण है। यदि किसी मामले में कानून का उल्लंघन सामने आता है या विवाद का समाधान केवल समझाइश से संभव नहीं होता, तो संबंधित प्रकरण को वैधानिक प्रक्रिया के लिए पुलिस थाने भेजा जा रहा है।
इस तरह पंचायत में समझाइश और कानून—दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।
बुजुर्गों के लिए भरोसे का मंच
उम्र बढ़ने के साथ कई वरिष्ठ नागरिक पारिवारिक, संपत्ति और आर्थिक मामलों से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं। ऐसे मामलों में उन्हें अपनी बात रखने के लिए सुरक्षित और संवेदनशील मंच की आवश्यकता होती है।
विदिशा पुलिस की सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत इसी दिशा में काम कर रही है। पुलिस का उद्देश्य है कि बुजुर्गों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और उन्हें उनकी परिस्थितियों के अनुसार उचित सहायता उपलब्ध कराई जाए।
विदिशा पुलिस की पहल जारी
02 सितंबर 2026 को हुई इस बैठक में कुल चार मामलों की सुनवाई ने यह संदेश दिया कि वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विवादों को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
एक मामले में परिवार के बीच संवाद से राहत मिली, जबकि भूमि विवाद को वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना कोतवाली भेजा गया। अन्य मामलों में दस्तावेज और संबंधित लोगों की उपस्थिति के लिए अगली तारीख तय की गई।
विदिशा पुलिस की सीनियर सिटिजन पुलिस पंचायत अब केवल शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि बुजुर्गों की समस्याओं को समझने, परिवारों के बीच संवाद कायम करने और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई तक पहुंचाने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रही है।
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