गाजियाबाद: क्या प्यार में धोखा मिलने पर कोई कातिल बन सकता है? या फिर किसी घिनौनी हरकत का बदला लेने के लिए हत्या जैसा कदम उठाना सही है? उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसी ही रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने प्यार, विश्वासघात और बदले की एक खौफनाक कहानी को जन्म दिया है। यह दास्तान है जाकिर और किरण की, जहाँ इश्क की शुरुआत तो फिल्मी अंदाज में हुई, लेकिन अंत किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं रहा।
खुदकुशी का ड्रामा, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बेनकाब
23 जून 2026 की दोपहर गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी स्थित पूजा कॉलोनी में मातम का शोर था। जाकिर की प्रेमिका किरण जोर-जोर से चीख रही थी। मौका-ए-वारदात पर जाकिर का शव जमीन पर पड़ा था और गले में गमछे का फंदा था। किरण और उसकी बहन कशिश ने पड़ोसियों और जाकिर के परिजनों को यही रट लगाई कि उसने फांसी लगाकर जान दे दी है। साक्ष्य मिटाने के लिए उन्होंने बाकायदा ऑटो बुलाकर शव को अस्पताल भी पहुँचाया।
लेकिन, कानून की नजरों से बचना इतना आसान कहाँ था! पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे खेल को पलट दिया। रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी नहीं, बल्कि 'गला घोंटना' (स्ट्रैंगुलेशन) सामने आया। सिर पर गहरी चोट के निशान भी थे। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले और दोनों बहनों से सख्ती से पूछताछ की, तो परत-दर-परत झूठ का जाल बिखर गया।
बेटी की अस्मत पर आई आंच, तो खूंखार बनी माँ
जाकिर शादीशुदा था और रामपुर में उसके बच्चे रहते थे। वहीं किरण भी तीन बच्चों की माँ थी, जो अपने पति को छोड़कर जाकिर के प्यार में पड़ गई थी। जाकिर ने उसे पड़ोस में ही कमरा दिलवाया था। किरण ने पुलिस के सामने जो खुलासा किया, उसने सबको सन्न कर दिया। उसका आरोप था कि जाकिर उसकी 13 साल की बेटी पर बुरी नजर रखता था और उसे गलत तरीके से छूने लगा था।
अपनी बेटी के साथ हो रही ज्यादती और जाकिर की धमकियों से तंग आकर, किरण ने उसे रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। उसने इस खौफनाक साजिश में अपनी बहन कशिश को भी शामिल कर लिया।
यूट्यूब से सीखा मर्डर का ‘परफेक्ट प्लान’
क्राइम पेट्रोल या किसी सस्पेंस फिल्म की तरह, इन दोनों बहनों ने कत्ल का पूरा खाका तैयार किया था। उन्होंने हत्या की बारीकियों को समझने के लिए इंटरनेट (यूट्यूब) का सहारा लिया। वारदात के लिए 23 जून का दिन तय हुआ।
योजना के तहत, किरण ने जाकिर के ही मोबाइल से कैब बुक की। जब बच्चे बाहर घूमने के लिए निकले, तो उसी दौरान जाकिर पर डंडे से हमला किया गया। जाकिर के बेहोश होते ही दोनों बहनों ने गमछे से उसका गला घोंट दिया। उन्होंने उसे पंखे से लटकाने की नाकाम कोशिश की, लेकिन जाकिर का वजन अधिक होने के कारण वे कामयाब नहीं हुईं। खुदकुशी साबित करने के लिए उन्होंने पंखे के ब्लेड को जानबूझकर नीचे की तरफ मोड़ दिया, ताकि यह लगे कि वजन के कारण जाकिर नीचे गिर गया।
सब कुछ प्लान के मुताबिक था, लेकिन वे कानून की नजरों को नहीं चकमा दे सकीं। पुलिस ने दोनों बहनों को गिरफ्तार कर लिया है और अब वे अपने किए की सजा जेल की सलाखों के पीछे काट रही हैं।
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि रिश्तों की आड़ में पनपने वाली नफरत और कानून को अपने हाथ में लेने का परिणाम कितना भयानक हो सकता है।
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