राजेश शर्मा भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शहर के अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया (ईंटखेड़ी) में चल रही एक नामी बेकरी यूनिट 'बी.के. फूड प्रोडक्ट्स' (B.K. Food Products) में खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी की, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। यहाँ न केवल अमानक स्तर पर खाद्य सामग्री बनाई जा रही थी, बल्कि नियमों की धज्जियां उड़ाकर खुलेआम लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा था।
लाइसेंस किसी और पते का, धंधा कहीं और का!
खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग को सूचना मिली थी कि अचारपुरा स्थित प्लॉट नंबर 96 पर एक बेकरी यूनिट अवैध रूप से संचालित हो रही है। जब टीम वहां पहुंची, तो फैक्ट्री प्रभारी इंद्र कुकेरेजा से जब एफएसएसएआई (FSSAI) लाइसेंस मांगा गया, तो जो दस्तावेज दिखाए गए, वे उस पते के लिए वैध ही नहीं थे। लाइसेंस पर 'किसान मार्केट, लाम्बाखेड़ा' का पता दर्ज था, जबकि फैक्ट्री पिछले एक महीने से अचारपुरा में बिना अनुमति शिफ्ट होकर चल रही थी।
खुले में बन रहे थे कुकीज और गुलाब जामुन
इस बेकरी के भीतर का नजारा बेहद डरावना था। बारिश के मौसम में जब संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है, तब वहां कुकीज, गुलाब जामुन, क्रीमरोल और क्रीम बिस्कुट जैसी चीजें बिल्कुल खुली और असुरक्षित अवस्था में रखी गई थीं।
टीम को मौके पर जो कमियां मिलीं, वे रोंगटे खड़े करने वाली हैं:
गंदगी का साम्राज्य: निर्माण स्थल की दीवारों पर जरूरी टाइल्स नदारद थीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि वहां न तो पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट था और न ही कीड़ों को रोकने की कोई व्यवस्था।
अस्वस्थ श्रमिक: फैक्ट्री में 6 महिलाएं और 5 पुरुष श्रमिक काम कर रहे थे, लेकिन किसी का भी स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाण पत्र (Medical Certificate) नहीं था।
शाकाहारी-मांसाहारी का घालमेल: स्वच्छता के मानकों को ताक पर रखकर अंडों का रखरखाव सीधे शाकाहारी खाद्य सामग्रियों के साथ सटाकर किया जा रहा था।
विभाग की सख्त कार्रवाई: फैक्ट्री सील
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से मैदा, गुलाब जामुन और कुकीज के नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के शेड्यूल-4 का उल्लंघन पाए जाने पर, अधिकारियों ने पंचनामा तैयार कर पूरी फैक्ट्री को आगामी आदेश तक सील कर दिया है।
इस मामले पर भोपाल के मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक ने स्पष्ट चेतावनी दी है: “जिले में बिना लाइसेंस संचालित होने वाली सभी खाद्य निर्माता यूनिटों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें बंद कराया जाएगा। सभी कारोबारी लाइसेंस लेकर ही काम करें।”
यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की सख्ती को दर्शाती है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इस तरह की 'अवैध फैक्ट्रियां' शहर के औद्योगिक इलाकों में कैसे पनप रही हैं? फिलहाल, इलाके के लोगों में इस घटना के बाद हड़कंप मचा है।
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