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इंसानियत हुई शर्मसार: खेत पर कब्जा करने का विरोध करना महिला को पड़ा भारी

03-07-2026  Editor Shubham Jain  26 views
इंसानियत हुई शर्मसार: खेत पर कब्जा करने का विरोध करना महिला को पड़ा भारी

बीना (सागर): मध्य प्रदेश के बीना से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ जमीन विवाद के चलते एक महिला को उसके 14 साल के मासूम बेटे के सामने ही जिंदा जलाकर मारने का प्रयास किया गया। इस वीभत्स घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे की है। ग्राम पड़रिया निवासी 40 वर्षीय रीना बाई दांगी अपने 14 वर्षीय बेटे के साथ अपने खेत पर पहुँची थीं। वहां पहले से ही गांव के कुछ दबंग किस्म के लोग कब्जा करने की नीयत से कृषि कार्य कर रहे थे। रीना बाई ने जब इसका विरोध किया, तो विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

पीड़ित महिला ने अपने बयान में बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि आरोपियों ने पहले उनके मासूम बेटे को ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिश की। जब महिला ने इसका कड़ा विरोध किया और खुद को ढाल बनाकर बच्चे को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन पर डीजल उड़ेल दिया और माचिस मार दी। देखते ही देखते महिला आग की लपटों में घिर गई।

बेटे ने दिखाई हिम्मत, डायल 112 बनी फरिश्ता

आग की लपटों में घिरी मां को तड़पता देख 14 साल के बेटे ने साहस का परिचय दिया और किसी तरह आग बुझाने की कोशिश की। इस दौरान महिला बुरी तरह झुलस गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचे।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्परता दिखाते हुए पलक झपकते ही मौके पर पहुँची। आरक्षक धर्मेंद्र, विक्रम और पायलट अजय व इमरत सेन ने बिना समय गंवाए घायल महिला को अपनी गाड़ी में डाला और तुरंत बीना सिविल अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सागर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया है।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

सूचना मिलने के बाद नई बस्ती पुलिस चौकी के प्रधान आरक्षक विनोद यादव अस्पताल पहुँचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। फिलहाल, पुलिस घटनास्थल का मुआयना कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इस घटना के बाद से ग्राम पड़रिया में तनाव का माहौल है और ग्रामीण आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सवालिया निशान

क्या जमीन विवाद में अब जान लेना ही एकमात्र रास्ता रह गया है?

खेत पर कब्जा करने वाले इतने बेखौफ कैसे हो गए कि महिला को जिंदा जलाने से भी नहीं डरे?

क्या स्थानीय प्रशासन और पुलिस का भय खत्म हो गया है?

विदिशा भारती इस संवेदनशील मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है। हम उम्मीद करते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित करेगा।


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