बीना: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें जिस रफ्तार से आसमान छू रही हैं, उसने आम आदमी की कमर तोड़कर रख दी है। महंगाई के इस 'करंट' के खिलाफ अब विपक्षी दल सड़कों पर उतर आए हैं। इसी कड़ी में आज बीना की सड़कों पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लग्जरी गाड़ियां छोड़कर बैलगाड़ी और ट्रैक्टर की सवारी की।
बढ़ती महंगाई के खिलाफ यह प्रदर्शन केवल एक रैली नहीं, बल्कि सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार था। कार्यकर्ताओं का कहना था कि अब वो दिन दूर नहीं जब गाड़ियां गैरेज की शोभा बढ़ाएंगी और इंसान फिर से पुराने दौर की तरह बैलगाड़ियों पर निर्भर हो जाएगा।
सर्वोदय चौराहे से फूटा जनाक्रोश का लावा
प्रदर्शन की शुरुआत शहर के सर्वोदय चौराहे से हुई। जिला कांग्रेस कमेटी के जिला संगठन मंत्री पी. नायक के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता एकजुट हुए। कार्यकर्ताओं में जोश इतना था कि भीषण गर्मी के बावजूद वे केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतर आए। बैलगाड़ियों और ट्रैक्टरों का यह काफिला जब शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा, तो राहगीरों की भीड़ इसे देखने के लिए रुक गई।
'महंगाई डायन' के खिलाफ जमकर नारेबाजी
हाथों में पोस्टर, बैनर और सरकार विरोधी तख्तियां लिए कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए अंबेडकर चौराहा स्थित पेट्रोल पंप पहुंचे। यहाँ कांग्रेसियों ने प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश दिया कि पेट्रोल पंप अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव के बावजूद आम जनता को राहत देने के बजाय सरकार टैक्स की वसूली में लगी है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, तहसीलदार को घेरा
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार अंबर पंथी को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें की गईं:
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर तत्काल लगाम लगाई जाए।
रसोई गैस के दामों को कम कर गृहिणियों को राहत दी जाए।
महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस आर्थिक नीति बनाई जाए।
बड़ी संख्या में उमड़ा कार्यकर्ताओं का हुजूम
इस प्रदर्शन में न केवल वरिष्ठ नेता, बल्कि युवा कांग्रेस और अन्य अनुषांगिक संगठनों के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पी. नायक ने संबोधन में कहा कि "अगर सरकार ने जल्द ही इन कीमतों को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस का यह आंदोलन उग्र रूप धारण करेगा और हम जेल भरो आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।"
आज का यह प्रदर्शन बीना में चर्चा का विषय बना रहा। लोगों के बीच यह संदेश साफ गया कि महंगाई अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। अब देखना यह है कि इस 'बैलगाड़ी वाले विरोध' की गूँज दिल्ली के गलियारों तक कितनी जल्दी पहुँचती है।
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