नोएडा/लखनऊ: देश की राजधानी से सटे नोएडा में एक ऐसी खतरनाक साजिश की जड़ें मिली हैं, जो भारत को दहलाने की तैयारी में थी। उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) ने नोएडा से गिरफ्तार दो संदिग्धों—तुषार चौहान और समीर खान—के जरिए सीमा पार से संचालित होने वाले एक बड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे न केवल डराने वाले हैं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी पर मुहर भी लगाते हैं। आइए जानते हैं क्या था इनका खौफनाक 'ब्लूप्रिंट'।
टारगेट किलिंग: निशाने पर थे हिंदूवादी नेता
नोएडा से संचालित हो रहे इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य भारत में सांप्रदायिक दंगे भड़काना और प्रमुख हस्तियों को खत्म करना था। पूछताछ में सामने आया है कि ये दोनों संदिग्ध सीधे तौर पर पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारों पर नाच रहे थे।
इनकी हिटलिस्ट में ये नाम थे शामिल:
दक्ष चौधरी (हिंदूवादी नेता)
पिंकी चौधरी (हिंदूवादी नेता)
इसके अलावा 3 अन्य प्रमुख चेहरों की पहचान की गई थी।
आरोपियों को निर्देश दिए गए थे कि वे इन नेताओं की 'गला रेतकर' हत्या करें ताकि समाज में ज्यादा से ज्यादा दहशत फैलाई जा सके।
3 लाख की 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' और दुबई का लालच
आतंक के इस खेल में केवल विचारधारा नहीं, बल्कि मोटी रकम का भी लालच दिया गया था। पाकिस्तानी हैंडलर्स—मेजर हमीद और आबिद जट—ने इस 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' के लिए 3 लाख रुपये का सौदा तय किया था।
एडवांस पेमेंट: आरोपियों को काम शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये एडवांस दिए जा चुके थे।
फरार होने का प्लान: साजिश के मुताबिक, कत्ल और ग्रेनेड हमले के बाद इन दोनों को फर्जी पासपोर्ट के जरिए दुबई शिफ्ट करने का वादा किया गया था।
'एक्स-मुस्लिमों' को धमकाने का सोशल मीडिया खेल
एटीएस को जांच के दौरान कई चौंकाने वाली कॉल रिकॉर्डिंग्स और एन्क्रिप्टेड चैट मिली हैं। तुषार और समीर केवल हत्या की साजिश ही नहीं रच रहे थे, बल्कि वे सोशल मीडिया पर 'एक्स-मुस्लिम' समुदाय (वे लोग जिन्होंने इस्लाम छोड़ दिया है) को भी निशाना बना रहे थे।
इंस्टाग्राम और कॉन्फ्रेंस कॉल्स के जरिए इन लोगों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। इन कॉल्स में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी खुद शामिल होकर भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी (Radicalize) बनाने का काम कर रहा था।
6 दिन की रिमांड: खुलेंगे कई और दफन राज
आज, 1 मई 2026 को एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों को 6 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में भेज दिया है। एटीएस की टीम इन्हें लेकर अज्ञात स्थानों पर छापेमारी कर सकती है।
अगले 6 दिनों में क्या होगा?
हथियारों की बरामदगी: साजिश में इस्तेमाल होने वाले हथियारों और ग्रेनेड का पता लगाया जाएगा।
फंडिंग नेटवर्क: पाकिस्तानी हैंडलर्स ने पैसे किस रूट से भेजे, इसकी पड़ताल होगी।
स्थानीय मददगार: क्या नोएडा या एनसीआर में इनके और भी साथी छुपे हैं? इसकी तलाश जारी है।
विशेषज्ञ की राय: सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉड्यूल केवल शुरुआत हो सकती है। सीमा पार से बैठे हैंडलर्स अब लोकल गैंगस्टर्स और युवाओं को 'लोन वुल्फ अटैक' के लिए उकसा रहे हैं।
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