भितरवार (ग्वालियर): मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के भितरवार क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ कृषि उपज मंडी में अपनी मांगों और समस्याओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी पर ही हमला बोल दिया। हंगामे के दौरान उग्र किसानों ने नायब तहसीलदार हरनाम सिंह के साथ जमकर मारपीट कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो हालात इतने बिगड़ गए थे कि तहसीलदार साहब को अपनी जान बचाने के लिए मौके से भागना पड़ा।
मंडी बनी अखाड़ा: एक सैकड़ा किसानों ने घेरा
जानकारी के अनुसार, कृषि उपज मंडी में पिछले कुछ समय से अव्यवस्थाओं को लेकर किसानों में असंतोष था। देखते ही देखते मंडी परिसर में 100 से अधिक किसान जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जब नायब तहसीलदार हरनाम सिंह मामले को शांत कराने और किसानों से संवाद करने पहुंचे, तो प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए।
विवाद इतना बढ़ा कि किसानों की भीड़ ने अधिकारी को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। बात सिर्फ बहस तक नहीं रुकी, बल्कि किसानों ने तहसीलदार पर हाथ छोड़ दिया, जिससे उन्हें शरीर पर चोटें आई हैं।
अफरा-तफरी का माहौल, जान बचाकर भागे अधिकारी
सरकारी अधिकारी पर हमले की खबर जंगल में आग की तरह फैली। हमले के दौरान मंडी में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि भीड़ के हिंसक तेवर देख नायब तहसीलदार को वहां से सुरक्षित निकलने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासनिक गलियारे में इस घटना के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। सरकारी ड्यूटी पर तैनात अधिकारी के साथ हुई इस बदसलूकी ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस की एंट्री और ताबड़तोड़ एक्शन
घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हंगामा करने वाले और मारपीट में शामिल 4 किसानों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब मंडी में लगे सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर रही है।
अधिकारियों का बयान: > “किसी भी सूरत में कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकारी कर्मचारी पर हमला करना गंभीर अपराध है। मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
क्या थी हंगामे की वजह?
फिलहाल पुलिस और प्रशासन यह जांच कर रहे हैं कि अचानक किसान इतने उग्र क्यों हुए। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मंडी में उपज की तुलाई, भुगतान या टोकन व्यवस्था को लेकर किसानों में नाराजगी थी, जिसने इस हिंसक झड़प का रूप ले लिया।
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