भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियों से लोगों को बदलते मौसम का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन और राजगढ़ सहित कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के चलते सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम के इस बदले रुख का असर जनजीवन के साथ खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। किसानों को विशेष सावधानी बरतने और मौसम की ताजा चेतावनियों के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।
गुना में 115.6 मिमी बारिश, आगर में तेज हवाओं का असर
बीते 24 घंटों के दौरान गुना में 115.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इतनी बारिश से स्थानीय स्तर पर जलभराव और आवागमन में परेशानी जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि, इसके वास्तविक प्रभाव की पुष्टि स्थानीय प्रशासन की जानकारी से की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, आगर क्षेत्र में हवा की रफ्तार 68 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की सूचना है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने, अस्थायी ढांचों और खुले में रखी वस्तुओं को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
भोपाल, विदिशा और रायसेन में बारिश के आसार
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, सीहोर, विदिशा, रायसेन और राजगढ़ सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। भोपाल में भी मौसम बदलने की संभावना है। उपलब्ध पूर्वानुमान में हवा की गति 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रहने का उल्लेख है, हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।
प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहले भी बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ इलाकों में वर्षा की गतिविधियां सामने आई हैं। अक्टूबर में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
इन जिलों में बिजली गिरने का खतरा
मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना और शिवपुरी सहित कुछ जिलों में गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली की आशंका को लेकर सतर्कता जरूरी है। मौसम संबंधी चेतावनियां समय और जिले के अनुसार बदल सकती हैं, इसलिए लोगों को भारत मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम जिला-स्तरीय पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।
आकाशीय बिजली चमकने या गरज सुनाई देने पर खुले मैदान, खेत, तालाब और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। बिजली के खंभों, टावरों और धातु की बाड़ से दूरी बनाए रखें। सुरक्षित पक्के भवन या बंद वाहन में शरण लेना अधिक सुरक्षित विकल्प है।
अगले पांच दिनों में गिर सकता है न्यूनतम तापमान
मौसम पूर्वानुमान में अगले पांच दिनों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना भी जताई गई है। इससे रात और सुबह के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है। हालांकि, तापमान में वास्तविक बदलाव जिले और स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
बारिश और तेज हवाओं के बीच किसानों को फसलों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सिंचाई, कीटनाशकों के छिड़काव तथा अन्य खुले खेतों में किए जाने वाले कार्यों से बचें।
यदि खेत में काम करते समय अचानक मौसम बिगड़ जाए, तो सुरक्षित पक्के स्थान पर पहुंचें। पेड़ों के नीचे या खुले ट्रैक्टर-ट्रॉली के पास खड़े होकर तूफान से बचने की कोशिश न करें। फसल कटाई, भंडारण और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए भी स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार तैयारी रखें।
मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर
मध्यप्रदेश में बदलते मौसम के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बारिश और तेज हवाओं के दौरान कमजोर छतों, होर्डिंग, पेड़ों और बिजली के तारों के आसपास जाने से बचें। बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले स्थानों में रुकने के बजाय सुरक्षित आश्रय लें।
मौसम अपडेट: जिलेवार चेतावनी और पूर्वानुमान के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट देखें: https://mausam.imd.gov.in/bhopal/
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