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MP IPS Transfer: मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में बड़ी 'सर्जरी

03-05-2026  Editor Shubham Jain  63 views
MP IPS Transfer: मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में बड़ी 'सर्जरी

भोपाल: मध्य प्रदेश के पुलिस गलियारों में शनिवार की देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गृह विभाग ने तबादलों की एक भारी-भरकम सूची जारी कर दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना के बीच हुई हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था को कसने के लिए 62 IPS अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। 
​इस प्रशासनिक फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा उन 19 जिलों की है, जहां के पुलिस कप्तानों (SP) को रातों-रात बदल दिया गया।


​डकैती और विवादों का 'साइड इफेक्ट' 
​इस तबादला सूची में सबसे बड़ा एक्शन सिंगरौली और सिवनी में देखने को मिला है। सिंगरौली में हाल ही में हुई सनसनीखेज बैंक डकैती ने सरकार की काफी किरकिरी कराई थी, जिसका खामियाजा वहां के एसपी मनीष खत्री को भुगतना पड़ा। उन्हें पद से हटाकर अब पुलिस मुख्यालय (PHQ) में एआईजी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


​वहीं, सिवनी में बहुचर्चित हवाला कांड और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर घिरे सुनील मेहता को भी वहां से विदा कर दिया गया है। उन्हें अब इंदौर में डीसीपी (DCP) बनाकर भेजा गया है। 
​इन 19 जिलों को मिले नए 'कप्तान' 
​कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सरकार ने प्रदेश के 19 जिलों में नए चेहरों को कमान सौंपी है। जिन जिलों के एसपी बदले गए हैं, उनमें शामिल हैं:


​ग्वालियर-चंबल बेल्ट: भिंड, शिवपुरी, मुरैना, दतिया। 
​बुंदेलखंड और विंध्य: सागर, छतरपुर, दमोह, रीवा, मऊगंज। 
​मालवा-निमाड़: धार, खंडवा, नीमच, मंदसौर। 
​अन्य जिले: सीहोर, आगर मालवा, अनूपपुर, पांढुर्ना, डिंडोरी। 
​ADG और DIG स्तर पर भी बड़ा बदलाव 
​सिर्फ जिले ही नहीं, बल्कि पुलिस मुख्यालय और रेंज स्तर पर भी भारी फेरबदल हुआ है। सूची में ADG, DIG और DCP स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह 'सर्जिकल स्ट्राइक' की गई है।


​विशेष नोट: लंबे समय से रुकी हुई इस लिस्ट के बाहर आने के बाद अब पुलिस महकमे में नई ऊर्जा और सख्ती की उम्मीद की जा रही है। विवादों में रहने वाले अधिकारियों को लूप लाइन में भेजा गया है, जबकि फील्ड में सक्रिय और सख्त छवि वाले अफसरों को महत्वपूर्ण जिलों की कमान दी गई है।


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