भोपाल। एम्स भोपाल में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए उपचार, जांच, डिजिटल सेवाओं और मरीजों की सुविधा से जुड़ी कई नई योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। संस्थान में आने वाले मरीजों को बेहतर, सुलभ और किफायती विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
यह जानकारी एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेन्द्र कोतवाल (रि.) ने आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एम्स भोपाल के बाह्य रोगी विभाग यानी ओपीडी में प्रतिदिन करीब 6,000 से 7,000 मरीज उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं विभिन्न विभागों में प्रतिदिन लगभग 1,000 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय रैंकिंग में एम्स भोपाल की स्थिति मजबूत
एम्स भोपाल ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति में लगातार सुधार किया है। राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग ढांचा (NIRF) 2025 की चिकित्सा श्रेणी में संस्थान को 25वां स्थान मिला है। इससे पहले वर्ष 2024 में एम्स भोपाल 31वें और 2023 में 38वें स्थान पर था।
समग्र श्रेणी में संस्थान 101 से 150 के समूह में शामिल है, जबकि सतत विकास लक्ष्यों की श्रेणी में इसे 11 से 50 के समूह में स्थान मिला है। लगातार बेहतर होती रैंकिंग को संस्थान की चिकित्सा सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में प्रगति से जोड़कर देखा जा रहा है।
हृदय और गुर्दा प्रत्यारोपण में बड़ी उपलब्धि
एम्स भोपाल में जटिल चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के साथ अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में भी काम आगे बढ़ा है। संस्थान में अब तक 3 हृदय और 26 गुर्दा प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं।
वहीं फेफड़ा प्रत्यारोपण की अनुमति भी मिल चुकी है और यह सेवा जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा एम्स भोपाल में यकृत प्रत्यारोपण शुरू करने की दिशा में भी तैयारियां की जा रही हैं।
IVF सेंटर शुरू, डिजिटल मरीज सेवाओं का विस्तार
मरीजों के लिए एम्स भोपाल में आईवीएफ सेंटर शुरू किया जा चुका है। इसके साथ ही मरीजों को अस्पताल से जुड़ी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे व्हाट्सऐप आधारित मरीज सेवा भी विकसित की गई है।
अस्पताल में आने वाले मरीजों की जांच और उपचार क्षमता बढ़ाने के लिए दूसरा एमआरआई, दूसरा कैथ लैब और दूसरा लिनैक विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा PET-CT, Gamma Knife और Robotic Surgery जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं भी विकसित करने की योजना है।
कैंसर मरीजों के लिए बढ़ेगी उपचार क्षमता
कैंसर मरीजों के लिए भी एम्स भोपाल में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। रेडिएशन उपचार की क्षमता बढ़ाने के लिए दूसरा LINAC स्थापित किया जा रहा है।
इसके साथ ही करीब 200 बिस्तरों वाले समर्पित कैंसर केंद्र की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद कैंसर उपचार के लिए आने वाले मरीजों को अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकेंगी।
मरीजों के परिजनों के लिए भी बड़ी योजनाएं
एम्स भोपाल में सिर्फ उपचार सुविधाओं पर ही नहीं, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों की सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए नया सार्वजनिक पार्किंग परिसर और करीब 700 बिस्तरों वाला विश्राम गृह विकसित करने की योजना है।
इसके अलावा मरीजों को सही विभाग तक पहुंचने और अस्पताल की सेवाओं की जानकारी लेने में मदद करने के लिए मरीज मार्गदर्शन केंद्र की योजना बनाई गई है। पार्किंग परिसर के ऊपर बहुविशेषता केंद्र विकसित करने की भी योजना प्रस्तावित है।
डॉक्टरों और विद्यार्थियों के लिए भी सुविधाओं का विस्तार
संस्थान में डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए नया आवासीय परिसर विकसित करने की योजना बनाई गई है। वहीं एमबीबीएस विद्यार्थियों के लिए खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेल परिसर भी विकसित किया जा रहा है।
बढ़ती भीड़ के बीच आधुनिक सुविधाओं पर जोर
एम्स भोपाल में रोजाना हजारों मरीजों की आवाजाही को देखते हुए आने वाले समय में अस्पताल की क्षमता बढ़ाना बड़ी चुनौती है। ऐसे में नई जांच मशीनों, आधुनिक उपचार तकनीकों, डिजिटल मरीज सेवाओं, प्रत्यारोपण सुविधाओं और मरीजों के परिजनों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार संस्थान के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अगर प्रस्तावित परियोजनाएं निर्धारित योजना के अनुसार आगे बढ़ती हैं तो आने वाले समय में एम्स भोपाल में गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को एक ही संस्थान में अधिक आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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