भोपाल में नशे के कारोबार के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से 6 कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से कुल 14.337 किलोग्राम गांजा और 4.300 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया गया है। जब्त मादक पदार्थ और अन्य सामान की अनुमानित कीमत 6 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन समेत तस्करी में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भी जब्त की है। अब पुलिस मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि नशे की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों और संभावित मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।
गुप्त सूचना के बाद तीन स्थानों पर दबिश
क्राइम ब्रांच को भोपाल शहर में मादक पदार्थों की खेप पहुंचाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर निगरानी और घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान तीन प्रमुख स्थानों से आरोपियों को पकड़ा गया।
नारियलखेड़ा LIG पुलिया:
पुलिस की पहली टीम ने नारियलखेड़ा LIG पुलिया के पास घेराबंदी की। यहां पुलिस ने राहुल सिलावट और राहुल अहिरवार को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से 7.710 किलोग्राम गांजा बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
भानपुर पुलिया:
दूसरी टीम ने भानपुर पुलिया के आसपास कार्रवाई करते हुए सीताराम कुशवाह को पकड़ा। पुलिस के अनुसार उसके कब्जे से 1.167 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।
बैरागढ़ CTO रोड:
तीसरी कार्रवाई बैरागढ़ के CTO रोड क्षेत्र में की गई। यहां पुलिस ने हरेन्द्र प्रकाश उर्फ संदीप को पकड़ा। उसके पास से 3.400 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया गया।
हालांकि उपलब्ध विवरण में कुल छह गिरफ्तारियों का उल्लेख है, लेकिन दी गई कार्रवाई की सूची में केवल चार आरोपियों के नाम और बरामदगी का विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज है। इसलिए शेष दो आरोपियों की पहचान और उनसे संबंधित बरामदगी की जानकारी आधिकारिक पुलिस विवरण से अलग से सत्यापित किया जाना उचित होगा।
मोबाइल की जांच से खुल सकते हैं तस्करी के राज
पुलिस ने आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन को जांच में शामिल किया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, संपर्क नंबर और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मादक पदार्थों की खेप कहां से लाई गई और किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी।
जांच का यह हिस्सा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यदि आरोपियों के संपर्कों से सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां सामने आती हैं, तो कार्रवाई केवल छोटे स्तर के तस्करों तक सीमित न रहकर बड़े नेटवर्क तक पहुंच सकती है।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई
क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मादक पदार्थों के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क और संभावित खरीदारों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे और भोपाल के किन-किन इलाकों में नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी।
नशे के खिलाफ अभियान में बड़ी कार्रवाई
भोपाल पुलिस द्वारा नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास मादक पदार्थों की बिक्री, भंडारण या तस्करी की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाएं नशे के नेटवर्क तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कुल मिलाकर, भोपाल क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई शहर में सक्रिय नशे के नेटवर्क के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। अब जांच का अगला चरण यह स्पष्ट करेगा कि बरामद मादक पदार्थों की सप्लाई का स्रोत कौन था और इस नेटवर्क में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
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