मंदसौर: अफीम की खेती के लिए मशहूर मंदसौर इन दिनों किसी और वजह से सुर्खियों में है, लेकिन यह सुर्खियां राज्य के लिए शर्मनाक हैं। मंदसौर पुलिस ने एक ऐसे अवैध 'ड्रग्स साम्राज्य' का भंडाफोड़ किया है, जिसे देखकर बड़े-बड़े अपराधियों के भी होश उड़ जाएं। शहर के बाहरी इलाके में खेत के बीच बने एक सुनसान मकान में चल रही एमडी (MD) ड्रग्स की फैक्ट्री पर पुलिस ने धावा बोलकर करोड़ों का खेल खत्म कर दिया है।
सुनसान खेत बना ड्रग्स की प्रयोगशाला
पुलिस को मिली पुख्ता मुखबिर की सूचना के बाद, नई आबादी थाना क्षेत्र के बाजखेड़ी गांव के पास स्थित एक खेत को घेरा गया। देखने में यह एक साधारण सा खेत और मकान लग रहा था, लेकिन इसके भीतर जो चल रहा था, वह युवाओं की जिंदगी को बर्वाद करने वाला खतरनाक सिंथेटिक जहर 'एमडी ड्रग्स' था। आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने खेती की आड़ में इस अवैध कारोबार को छिपा रखा था।
14 करोड़ का 'जहर' बरामद
पुलिस की दबिश के दौरान जो बरामदगी हुई, उसने जिले के पुलिस महकमे को भी चौंका दिया। मौके से 13 किलो 850 ग्राम एमडी ड्रग्स और लगभग 9 किलो कच्चा केमिकल बरामद किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 14 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह एक बड़ी खेप है, जो यह दर्शाती है कि इस फैक्ट्री के तार न केवल मंदसौर, बल्कि देश के अन्य हिस्सों से भी जुड़े हो सकते हैं।
दो गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश जारी
पुलिस ने मौके से दो मुख्य आरोपियों सदाकत और आरिफ को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला है कि ये आरोपी बाहर से कच्चा माल लाकर यहां एमडी ड्रग्स तैयार करते थे और फिर इसे पूरे जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही एक अन्य आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस की टीमें अब उस फरार आरोपी की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
पुलिस का बड़ा एक्शन, नेटवर्क पर टिकी नजरें
इस बड़ी कार्रवाई के बाद मंदसौर पुलिस अब इस ड्रग्स सिंडिकेट के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों को फंडिंग कहां से मिल रही थी और ये ड्रग्स किन-किन बड़े शहरों में भेजी जा रही थी। मामले में कई अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा रही है, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
यह कार्रवाई नशा तस्करों के लिए एक साफ संदेश है कि मंदसौर की जमीन अब उनके अवैध कारनामों के लिए सुरक्षित नहीं है। पुलिस की सक्रियता और इस कार्रवाई ने निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ी को एक बहुत बड़े खतरे से बचा लिया है।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *