विदिशा। धर्मनगरी विदिशा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मंदिरों की पवित्रता भंग कर भगवान के आभूषण चुराने वाले एक बेहद शातिर चोर को गुलाबगंज पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सलाखों के पीछे भेज दिया है। धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर आस्था पर चोट करने वाले इस अपराधी के पकड़े जाने से पूरे इलाके में राहत की सांस ली जा रही है।
पुलिस की मुस्तैदी और सटीक रणनीति के चलते आरोपी के पास से करीब 1 लाख रुपये कीमत के चांदी के मुकुट, भगवान के हार और वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है।
आस्था के केंद्रों पर एक के बाद एक धावे: जानिए क्या था पूरा मामला
मामला 11 अगस्त 2026 को तब उजागर हुआ जब गुलाबगंज निवासी 32 वर्षीय अक्षय फणनीस ने थाने में पहुँचकर एक शिकायती रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी ने बताया कि बीते कुछ समय से क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों में लगातार चोरी की वारदातें सामने आ रही थीं।
20 जुलाई 2026 की रात अज्ञात चोर ने गुलाबगंज स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर का ताला तोड़कर चांदी का मुकुट पार कर दिया। इसके बाद चोर के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उसने ग्राम गणेशपुर मूड़रा स्थित रामजानकी मंदिर में प्रवेश कर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी की मूर्तियों पर सजे कीमती चांदी के मुकुट चुरा लिए। चोर यहीं नहीं रुका, उसने ग्राम ऐरन स्थित हनुमान मंदिर और ग्राम संतापुर के हनुमान मंदिर को भी निशाना बनाया और वहाँ से चांदी के मुकुट व हार गायब कर दिए।
भगवान के धाम में हुई इस ताबड़तोड़ चोरी से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुलाबगंज थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(D) के तहत अपराध क्रमांक 169/26, 172/26 और 173/26 दर्ज कर मामले की गहराई से जांच शुरू की।
पुलिस कप्तान के कड़े निर्देश, गठित हुई विशेष टीम
जिले में आपराधिक गतिविधियों और नकबजनी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने कड़े निर्देश जारी किए थे। इसी तारतम्य में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह सोलंकी के नेतृत्व में गठित इस टीम ने केस को हल करने के लिए दोहरे मोर्चे पर काम शुरू किया। एक तरफ जहाँ सूचना तंत्र (मुखबिरों) को सक्रिय किया गया, वहीं दूसरी तरफ अत्याधुनिक तकनीक और सीसीटीवी फुटेज का सहारा लिया गया।
सीसीटीवी की तीसरी आँख ने खोला राज: काले रंग की स्प्लेंडर से आया था सुराग
थाना प्रभारी सुरेश सिंह सोलंकी और उनकी टीम ने सभी चारों मंदिर परिसरों व आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। कई घंटों की मशक्कत और बारीकी से किए गए विश्लेषण के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगा।
फुटेज में एक संदिग्ध युवक काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर मंदिरों के आसपास रेकी करता हुआ दिखाई दिया। संदिग्ध की हरकतों से साफ था कि वह इलाके से वाकिफ था और मंदिरों के सेवादारों के जाने के बाद ही वारदात को अंजाम देता था।
सीसीटीवी से मिले फुटेज और पुलिस के विश्वसनीय सूचना तंत्र की मदद से संदिग्ध की पहचान ठर्रका गांव के रहने वाले 28 वर्षीय गिरीस वन उर्फ शुभम गोस्वामी (पिता पारस वन) के रूप में हुई।
कुआखेड़ी जोड़ पर बिछाया गया जाल, 12 घंटे में हत्थे चढ़ा आरोपी
आरोपी की पहचान होते ही पुलिस टीम ने उसकी घेराबंदी शुरू कर दी। 12 अगस्त 2026 को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि संशयित आरोपी कुआखेड़ी जोड़ के पास किसी काम से खड़ा है। बिना वक्त गंवाए पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर आरोपी गिरीस वन उर्फ शुभम गोस्वामी को हिरासत में ले लिया।
थाने लाकर जब आरोपी से कड़ाई और मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई, तो वह ज्यादा देर टिक नहीं सका। उसने गुलाबगंज क्षेत्र के चारों मंदिरों में चोरी की बात एक-एक कर कबूल कर ली।
1 लाख का मशरूका बरामद, मोटरसाइकिल जब्त
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मंदिरों से चुराए गए चांदी के मुकुट, चांदी का हार और अन्य आभूषण बरामद किए, जिसकी कुल बाजार कीमत लगभग 1 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा वारदात को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर MP 40 BB 5981) को भी पुलिस ने विधिवत जब्त कर लिया है।
शातिर अपराधी है आरोपी, थानों में पहले से दर्ज हैं गंभीर मामले
गिरफ्तार आरोपी गिरीस वन उर्फ शुभम गोस्वामी कोई नौसिखिया नहीं है, बल्कि वह आदतन आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसका पुराना रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि उसके खिलाफ विदिशा के थाना कोतवाली और थाना सिविल लाइन में भी मंदिर चोरी, नकबजनी और मारपीट जैसे कई संगीन अपराध दर्ज हैं। वह पहले भी जेल की हवा खा चुका है।
पुलिस टीम की मुस्तैदी की हो रही तारीफ
महज 12 घंटे के भीतर मंदिर चोरी का पर्दाफाश करने और शत-प्रतिशत माल बरामद करने वाली पुलिस टीम की चारों तरफ सराहना हो रही है। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह सोलंकी, सहायक उपनिरीक्षक प्रहलाद सिंह रघुवंशी, प्रधान आरक्षक राजेश रघुवंशी, आरक्षक शिवेन्द्र तोमर, विक्रम रघुवंशी, जितेन्द्र गोयल, संजय अहिरवार और राजेश रघुवंशी ने अपनी महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका निभाई।
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