विदिशा भारती डेस्क | पठारी
नवरात्रि पर्व को लेकर पठारी नगर में तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं को मंदिरों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान नालियों की सफाई, सड़कों से कचरा और मलबा हटाने के साथ धार्मिक स्थलों तथा झांकी पंडालों के आसपास के मार्गों को भी व्यवस्थित किया जा रहा है।
सफाई अभियान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सरपंच राखी अखिलेश पंथी और पंचायत प्रतिनिधि अखिलेश पंथी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर सफाई कार्य की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने सफाई कर्मियों को निर्देश दिए कि किसी भी नाली को आधा-अधूरा साफ न छोड़ा जाए और सफाई के बाद निकले मलबे को तत्काल आबादी क्षेत्र से बाहर ले जाया जाए।
फावड़ा-झाड़ू लेकर मैदान में उतरी सफाई टीम
अभियान के दौरान सफाई मित्रों की टीम ने सड़क के दोनों किनारों और नालियों की सफाई की। नालियों से जमा मलबा, पॉलीथिन और कीचड़ बाहर निकालकर ट्रॉलियों में भरवाया गया।
पंचायत प्रतिनिधियों ने सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि नालियों में जमा कचरा दोबारा सड़क पर न आए। धार्मिक आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख मार्गों की सफाई को प्राथमिकता दी जा रही है।
“मां के दरबार तक एक कतरा भी गंदगी न मिले”
सफाई अभियान की निगरानी के दौरान पंचायत प्रतिनिधि अखिलेश पंथी ने कहा कि नवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि लोगों की आस्था, श्रद्धा और पवित्रता से जुड़ा महापर्व है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं को मंदिर जाते समय गंदगी, बदबू या गंदे पानी से होकर न गुजरना पड़े, इसके लिए स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि “मां के दरबार तक एक कतरा भी गंदगी न मिले” इसी भावना के साथ सफाई अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
11 अक्टूबर से शुरू होगा नवरात्रि का महापर्व
पंचायत प्रतिनिधि के अनुसार 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि पर्व को देखते हुए नगर के शिव मंदिर, छोटी माता मंदिर सहित अन्य प्रमुख देवालयों और झांकी स्थलों के आसपास सफाई अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि कोशिश है कि नवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्धालु स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण में मंदिरों तक पहुंच सकें। खासतौर पर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आवागमन में किसी तरह की असुविधा न हो, इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
झांकी और देवी पंडालों के आसपास भी सफाई
नवरात्रि के दौरान पठारी में विभिन्न स्थानों पर देवी प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं और आकर्षक झांकियां सजाई जाती हैं। शाम के समय आरती, गरबा और डांडिया जैसे धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
इसी को देखते हुए पंचायत ने सफाई अभियान को केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रखा है। दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा लगाए जा रहे पंडालों और झांकी स्थलों तक पहुंचने वाले रास्तों को भी साफ और व्यवस्थित किया जा रहा है।
नालियों का मलबा और सड़क की गंदगी हटाई
अभियान के तहत नालियों से निकाले गए मलबे को तत्काल आबादी क्षेत्र से दूर ले जाने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं मार्गों पर जमा धूल, कंकर-पत्थर और अन्य अवरोधों को हटाया जा रहा है।
पंचायत स्तर पर इस बात का भी ध्यान रखा जा रहा है कि नंगे पैर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को रास्ते में कंकड़-पत्थर या अन्य सामग्री से परेशानी न हो।
स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत भी शुरू
सफाई के साथ-साथ प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम भी शुरू किया गया है। प्रमुख मार्गों और धार्मिक स्थलों के आसपास खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराई जा रही है।
नवरात्रि के दौरान शाम और रात के समय मंदिरों तथा झांकी स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रकाश व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्रामीणों ने पहल को सराहा
धार्मिक स्थलों की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों में सफाई के बाद आए बदलाव को देखकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में उत्साह है। ग्रामीणों का कहना है कि त्योहार से पहले जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में जिस तरह जमीनी स्तर पर सफाई कार्य कराया जा रहा है, उससे श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण मिल सकेगा।
पठारी में चल रहा यह स्वच्छता अभियान नवरात्रि की तैयारियों के बीच धार्मिक स्थलों को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने की दिशा में उठाया गया कदम है। अब श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि नवरात्रि के दौरान मंदिरों और झांकी स्थलों के आसपास स्वच्छता व्यवस्था इसी तरह बनी रहेगी
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