विदिशा। मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ विदिशा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत कोतवाली और सिविल लाइन थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने चार अलग-अलग प्रकरणों में कुल 80 ग्राम ब्राउन शुगर, दो मोटरसाइकिल, एक इलेक्ट्रिक ऑटो, एक मोबाइल फोन और नकदी सहित करीब 12 लाख 81 हजार 640 रुपये का मशरूका जब्त करने का दावा किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में केवल स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की बिक्री ही नहीं, बल्कि इनके पीछे जुड़े संभावित सप्लाई नेटवर्क की कड़ियां भी सामने आई हैं। पुलिस का दावा है कि मादक पदार्थों की सप्लाई राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र से राजगढ़ होते हुए विदिशा तक पहुंचने की जानकारी मिली है। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
कोतवाली पुलिस ने 60 ग्राम ब्राउन शुगर पकड़ी
थाना कोतवाली पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कुल 60 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक 3 अक्टूबर 2026 को इंडस्ट्रियल पार्क रोड, जांबर बागरी क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यहां मोर सिंह तंवर और नारायण कुशवाहा उर्फ बाबा के कब्जे से 20-20 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। इस मामले में अपराध क्रमांक 654/2026 दर्ज कर धारा 8/21 एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।
दूसरी कार्रवाई ढोलखेड़ी, बैरसिया रोड पर की गई। पुलिस के अनुसार यहां संदीप शर्मा और दिनेश मालवीय के कब्जे से 20 ग्राम ब्राउन शुगर और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई। इस मामले में अपराध क्रमांक 650/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज किया गया। दोनों मामलों में करीब 8 लाख रुपये का मशरूका जब्त किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
सिविल लाइन पुलिस ने 20 ग्राम ब्राउन शुगर सहित वाहन और नकदी जब्ती
थाना सिविल लाइन पुलिस ने भी दो अलग-अलग मामलों में कुल 20 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की। पुलिस के अनुसार इन कार्रवाइयों में एक इलेक्ट्रिक ऑटो, अपाचे मोटरसाइकिल और नकदी सहित करीब 4 लाख 81 हजार 640 रुपये का मशरूका जब्त किया गया।
पहले मामले में योगेश सिंह अहिरवार, सरदार सिंह अहिरवार, विमला बाई, मोहर तंवर निवासी खिलचीपुर और रामप्रसाद के खिलाफ अपराध क्रमांक 755/2026 दर्ज किया गया। वहीं दूसरे मामले में ऋतिक कुशवाहा, अभिषेक करण और कैलाश वाल्मीकि के खिलाफ अपराध क्रमांक 759/2026 में कार्रवाई की गई।
दोनों मामलों में धारा 8/21 एवं 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
PhonePe भुगतान और WhatsApp लोकेशन से डिलीवरी का दावा
विदिशा पुलिस की कार्रवाई में सामने आई सबसे महत्वपूर्ण जानकारी कथित डिजिटल डिलीवरी सिस्टम से जुड़ी है। पुलिस के अनुसार आरोपी ग्राहकों से PhonePe और अन्य डिजिटल माध्यमों से भुगतान प्राप्त करते थे। भुगतान के बाद WhatsApp के जरिए कॉल या मैसेज करके ग्राहक को लोकेशन बताई जाती थी।
पुलिस का दावा है कि ग्राहक को निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद ब्राउन शुगर की पुड़िया उपलब्ध कराई जाती थी। इस तरीके से आरोपी प्रत्यक्ष संपर्क कम रखते हुए मादक पदार्थों की कथित डिलीवरी कर रहे थे।
अब पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन, WhatsApp संपर्क, कॉल डिटेल और डिजिटल भुगतान की जानकारी खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हैं।
आरोपी खुद भी करते थे नशा, पारिवारिक कनेक्शन की भी जांच
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आने की बात कही गई है कि गिरफ्तार आरोपियों में कुछ लोग स्वयं भी मादक पदार्थों का सेवन करते थे। पुलिस के अनुसार नशे की लत के कारण कुछ लोग नशीले पदार्थों की उपलब्धता और बिक्री से जुड़े नेटवर्क में शामिल हुए।
जांच के दौरान कुछ मामलों में पारिवारिक और आपसी परिचितों के माध्यम से आरोपियों के एक-दूसरे से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आने का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस अब इन संबंधों और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है।
राजस्थान से राजगढ़ और फिर विदिशा तक सप्लाई की जांच
पुलिस के अनुसार जांच में मादक पदार्थों की संभावित सप्लाई राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र से राजगढ़ और फिर विदिशा तक पहुंचने की जानकारी मिली है। पुलिस ने खिलचीपुर, जिला राजगढ़ से जुड़े सप्लाई लिंक की भी जांच शुरू की है।
अब पुलिस कथित सप्लायर, स्थानीय डीलर, वितरण नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। यदि जांच में नए नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
अवैध कारोबार के आर्थिक नेटवर्क पर भी नजर
पुलिस ने मादक पदार्थों की बरामदगी के साथ-साथ इसके पीछे चल रहे कथित आर्थिक नेटवर्क की जांच भी शुरू की है। पुलिस के अनुसार बैंक खातों, PhonePe और अन्य डिजिटल लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
अवैध कारोबार से कथित रूप से अर्जित राशि और उससे जुड़े आर्थिक स्रोतों की जांच के साथ संबंधित खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
कार्रवाई पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश कैलाश मकवाना के आदेशानुसार, पुलिस महानिरीक्षक भोपाल देहात जोन रुचिवर्धन मिश्र, उप पुलिस महानिरीक्षक भोपाल देहात रेंज राजेश सिंह चंदेल के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के मार्गदर्शन में की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के नेतृत्व में कोतवाली एवं सिविल लाइन पुलिस टीमों ने कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत आगे भी सप्लायर, डीलर, नशे के वितरण नेटवर्क और आर्थिक स्रोतों की पहचान कर कार्रवाई जारी रहेगी।
विदिशा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मादक पदार्थों की बिक्री, सेवन या सप्लाई से संबंधित जानकारी स्थानीय पुलिस, नशा सूचना हेल्पलाइन 7587637635 या डायल-112 पर दें। पुलिस के अनुसार सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
नोट: ड्रग सप्लाई नेटवर्क और आरोपियों की भूमिका से संबंधित विवरण पुलिस की प्रारंभिक जांच एवं प्रेस नोट पर आधारित हैं। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
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