राजेश शर्मा भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को यूथ कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक किसी रणभूमि से कम नहीं दिखी। आगामी रणनीतियों और कार्यकारिणी के गठन पर चर्चा के लिए बुलाई गई इस अहम बैठक में अनुशासन का पाठ पढ़ाने आए दिग्गज नेताओं के सामने ही कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। बैठक में मचे इस बवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है।
क्या है पूरा मामला?
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पीसीसी चीफ जीतू पटवारी जैसे बड़े चेहरे मौजूद थे। माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकारिणी के गठन और जिलाध्यक्षों के अधिकारों का मुद्दा उठा। बैठक में शामिल कई जिलाध्यक्षों ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की।
मैहर जिलाध्यक्ष सौरभ शर्मा ने तीखे तेवर दिखाते हुए आरोप लगाया कि "चुनाव जीतने के बावजूद जिलाध्यक्षों को अपनी कार्यकारिणी बनाने का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली और प्रदेश स्तर से नियुक्तियां थोपी जा रही हैं, जो सीधे तौर पर जमीनी कार्यकर्ताओं के हक का अपमान है।" इस विरोध को ग्वालियर और जबलपुर समेत कई जिलों के पदाधिकारियों का भी समर्थन मिला, जिससे बैठक में घमासान बढ़ गया।
धक्का-मुक्की और वायरल वीडियो
बहस का शोर इतना बढ़ा कि बात धक्का-मुक्की तक पहुँच गई। बताया जा रहा है कि पार्टी के इंटरनल ऐप पर 'रिपोर्टिंग' करने के तरीके को लेकर दो गुटों के बीच तीखी बहस हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। बैठक में मौजूद प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया को खुद बीच-बचाव करना पड़ा। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बना लिए, जो अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
बीजेपी ने साधा निशाना
कांग्रेस की इस अंदरूनी कलह का फायदा उठाने में बीजेपी भी पीछे नहीं रही। बीजेपी ने सोशल मीडिया पर इस हंगामे का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर तगड़ा हमला बोला है। भगवा खेमे ने इसे कांग्रेस की 'बिखरती संस्कृति' और 'अनुशासनहीनता' का बड़ा उदाहरण करार दिया है। बीजेपी का कहना है कि जिस पार्टी में अपने कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं, वो प्रदेश का भला क्या करेगी।
क्या बोले दिग्गज?
बैठक में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह ने स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन आक्रोशित कार्यकर्ताओं के तीखे सवालों ने उन्हें भी असहज कर दिया। फिलहाल, यूथ कांग्रेस की ओर से आधिकारिक रूप से इस घटना पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस विवाद ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है।
लगातार हो रही नियुक्तियों और अधिकारों की इस जंग ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। क्या यूथ कांग्रेस अपनी नाराजगी को थाम पाएगी या यह चिंगारी आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगी? यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल राजधानी की सियासत में 'यूथ कांग्रेस' का यह दंगल चर्चा का हॉट टॉपिक बना हुआ है।
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