आकाश धाकड़ विदिशा। वाहन चोरों के हौसले पस्त! विदिशा जिले की कुरवाई पुलिस ने एक बेहद चर्चित वाहन चोरी के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। तालाब किनारे से रातों-रात गायब हुई 12 लाख रुपये की बोलेरो पिकअप न केवल बरामद कर ली गई है, बल्कि इस वारदात को अंजाम देने वाले 4 शातिर आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुँचा दिया गया है। पुलिस की इस कामयाबी ने अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।
क्या थी पूरी वारदात?
मामला इस साल की शुरुआत का है, जब 10 जनवरी 2026 को ग्राम पाडोछा निवासी बाबूलाल साहू ने अपनी बोलेरो पिकअप (MP 41 GA 1846) वायरिंग के काम के लिए बीना रोड स्थित एक वर्कशॉप पर खड़ी की थी। अगले दिन सुबह जब मालिक वहां पहुंचा, तो अपनी गाड़ी को गायब पाकर उसके होश उड़ गए। दुकान के सामने से बोलेरो का यूं गायब हो जाना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया था। फरियादी की शिकायत पर कुरवाई पुलिस ने आनन-फानन में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की 'तकनीकी' घेराबंदी और सफलता
गाड़ी चोरी होने के बाद पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के कुशल निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सोनू डाबर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी आर.के. मिश्र की टीम ने अपनी रणनीति तैयार की।
पुलिस ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ 'तकनीकी विश्लेषण' का सहारा लिया। मुखबिरों का जाल बिछाया गया और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। महीनों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी इनपुट्स के बाद, 9 जून 2026 को पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने चोरी की गई बोलेरो बरामद की और वारदात में शामिल 4 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
कौन हैं ये शातिर आरोपी?
पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपी राहतगढ़ क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिनकी पहचान इस प्रकार है:
बबलू उर्फ बाबूलाल अहिरवार (52 वर्ष, निवासी ग्राम बहादुरपुर)
नीलेश कुशवाह (26 वर्ष, निवासी ग्राम डावरी)
रमेश कुशवाह (33 वर्ष, निवासी ग्राम डावरी)
सौरभ जैन (34 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 13, राहतगढ़)
पुलिस टीम का मिला सम्मान
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में कुरवाई थाना प्रभारी निरीक्षक आर.के. मिश्रा और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। प्रधान आरक्षक वसंत शाक्य, शेरसिंह रघुवंशी, आरक्षक नीतेश, इरफान, सायबर सेल के रूपेश, गोपाल और इन्द्राज सिंह की सक्रियता ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
विदिशा पुलिस की यह कार्रवाई संदेश देती है कि अपराध करके कोई भी कानून की नजरों से बच नहीं सकता। फिलहाल, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों ने और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। वाहन मालिकों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है कि उनकी मेहनत की कमाई (गाड़ी) सकुशल वापस मिल गई है।
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