ब्यावरा। गांव के विकास का पैसा अटका या फिर नियमों की जानबूझकर अनदेखी? विदिशा और ब्यावरा क्षेत्र में इन दिनों ग्राम पंचायत कटारियाखेड़ी का एक फरमान चर्चा का विषय बना हुआ है। पंचायत ने क्षेत्र के चर्चित 'चित्रांश वेयर हाउस' को टैक्स चोरी के मामले में रडार पर लेते हुए सख्त नोटिस जारी किया है।
पंचायत का दावा है कि वेयर हाउस प्रबंधन ने पिछले करीब छह वर्षों (वर्ष 2020-21 से) से संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया है। इस लंबी अवधि के बकाये ने पंचायत के राजस्व को बड़ा झटका दिया है, जिसे लेकर अब प्रशासन ने कड़े तेवर अपना लिए हैं।
सात दिन का आखिरी मौका, वरना होगी सीधी कार्रवाई
पंचायत द्वारा जारी नोटिस में वेयर हाउस प्रबंधन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। इस समय-सीमा के भीतर बकाया राशि जमा न करने पर मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 के तहत वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। पंचायत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी संस्थान नियमों से ऊपर नहीं है और स्थानीय विकास कार्यों के लिए टैक्स की वसूली हर हाल में की जाएगी।
प्रशासनिक गलियारों में हलचल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायत ने नोटिस की प्रतियां अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ब्यावरा और मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत ब्यावरा को भी भेजी हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि यदि वेयर हाउस प्रबंधन ने जल्द अपना रुख स्पष्ट नहीं किया, तो यह मामला बड़े प्रशासनिक विवाद में बदल सकता है।
क्यों शुरू हुई अब कार्रवाई?
क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर इतने वर्षों तक लाखों का टैक्स बकाया रहने के बावजूद यह कार्रवाई अभी क्यों हो रही है? ग्रामीणों का तर्क है कि जब आम जनता पर समय पर टैक्स जमा करने का दबाव बनाया जाता है, तो बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को छूट क्यों? बहरहाल, पंचायत की इस 'सख्ती' को अब राजस्व वसूली अभियान के नए और कड़े अध्याय के रूप में देखा जा रहा है
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