आकाश धाकड़ विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक बड़ी और सराहनीय सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने दुष्कर्म के एक मामले में फरार चल रहे 10,000 रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि इस शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए पुलिस ने इंसानी सूझबूझ के साथ-साथ आधुनिक AI तकनीक और सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।
क्या था पूरा मामला?
बीती 14 मई 2026 को कोतवाली थाने में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया है। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन आरोपी पुलिस की गिरफ्त से लगातार बचता रहा। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10,000 रुपये का इनाम घोषित किया था।
'हाई-टेक' पुलिसिंग ने बिछाया जाल
आरोपी तक पहुंचने के लिए विदिशा पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया। केवल फुटेज ही नहीं, बल्कि पुलिस ने आधुनिक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। संदिग्ध की पहचान और उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए पुलिस ने डिजिटल सर्विलांस का उपयोग किया।
लगातार की गई पतारसी और पुख्ता तकनीकी जांच के बाद आखिरकार पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली। पुलिस ने आरोपी राजू यादव (पिता सुमेर सिंह यादव), निवासी ग्राम पट्टन, थाना शमशाबाद, जिला विदिशा को धर दबोचा। आरोपी को गिरफ्तार कर अब उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस ऑपरेशन को सफल बनाने में कोतवाली पुलिस की पूरी टीम का योगदान रहा। थाना प्रभारी निरीक्षक आनंद राज के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रितेश नागर, उपनिरीक्षक रणवीर सिंह, सउनि मलखान सिंह, प्रधान आरक्षक धर्मेश बर्थे, विजय गुप्ता, संजय यादव, और आरक्षक आनंद गौतम, अरुण तिवारी, अनुदेश सेंगर, भूपेंद्र कुर्मी, ऋषि दांगी व राघवेन्द्र सिकरवार की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस का संदेश: अपराध कर कोई नहीं बच सकता
विदिशा पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में खौफ है। पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि यदि कोई महिला सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। एआई और डिजिटल एविडेंस के दौर में अब अपराधियों के लिए छिपना नामुमकिन होता जा रहा है।
इस गिरफ्तारी के बाद पीड़ित महिला और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की है। विदिशा में हुए इस 'हाइ-प्रोफाइल' केस के सुलझने से इलाके में चर्चाओं का दौर है।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *