Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / बिजनेस / विदिशा में स्वास्थ्य सेवाओं पर 'ब्रेक': 5वें दिन भी डटे संविदा कर्मचारी

विदिशा में स्वास्थ्य सेवाओं पर 'ब्रेक': 5वें दिन भी डटे संविदा कर्मचारी

07-06-2026  Vidisha Raghvendra dangi  49 views

विदिशा: मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। अपनी लंबित मांगों को लेकर शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल आज पांचवें दिन भी पूरे जोश के साथ जारी रही। जिले के लगभग 500 से अधिक कर्मचारी काम छोड़कर हड़ताल पर हैं, जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गहरा असर पड़ना शुरू हो गया है।

‘हक की लड़ाई, अब नहीं तो कब?’

हड़ताली कर्मचारियों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। उनका कहना है कि वर्षों से वे शासन की फाइलों में सिर्फ 'आश्वासन' का शिकार हो रहे हैं। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा, “हमने कोरोना काल जैसी विषम परिस्थितियों में जान जोखिम में डालकर काम किया, लेकिन आज जब हमारे अधिकारों की बात आती है, तो शासन मौन साधे बैठा है। अब यह हड़ताल तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक शासन की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता।”

11 जून को निर्णायक बिगुल

कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज करते हुए अगली बड़ी रणनीति का ऐलान कर दिया है। 11 जून को स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव किया जाएगा। यह कदम शासन को चेताने के लिए है कि संविदा कर्मचारी अब किसी भी हाल में पीछे हटने वाले नहीं हैं।

क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शासन के सामने अपनी 8 सूत्रीय मांगों का पिटारा रखा है, जो उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जरूरी है:

नियमितीकरण: 30 जनवरी 2026 के अभिनंदन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए वादे के अनुसार नियमितीकरण का लाभ दिया जाए।

बीमा और NPS: सामान्य प्रशासन नीति 2023 के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा और NPS का लाभ सुनिश्चित हो।

वेतन वृद्धि: अन्य राज्यों की तर्ज पर 10% वार्षिक वेतन वृद्धि लागू की जाए।

महंगाई भत्ता: नियमित कर्मचारियों की तरह संविदा कर्मियों को भी महंगाई भत्ता मिले।

PBI समायोजन: सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के वेतन में PBI को समायोजित किया जाए।

वेतन विसंगति: शासन के नियमों के अनुसार समकक्ष पदों के वेतन में व्याप्त विसंगतियों को दूर किया जाए।

अवकाश और मेडिकल: नियमित कर्मचारियों की भांति अवकाश और मेडिकल लीव की सुविधा मिले।

समान कार्य, समान वेतन: जब तक नियमितीकरण न हो, तब तक समान कार्य के लिए समान वेतन और सार्थक ऐप की विसंगतियों को बंद किया जाए।

सेवाओं पर छाया संकट

हड़ताल के चलते जिले में एनएचएम से जुड़ी कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि वे भी नहीं चाहते कि आम जनता परेशान हो, लेकिन उनकी मजबूरी शासन की उपेक्षा है। अब देखना यह होगा कि क्या 11 जून के घेराव से पहले शासन कोई सकारात्मक पहल करता है या स्वास्थ्य व्यवस्था और भी अधिक चरमरा जाएगी।

विदिशा के इन 500 योद्धाओं की एकजुटता इस बार शासन को बड़ा फैसला लेने पर मजबूर कर सकती है।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy