विदिशा। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पिछले दिनों एक सूने मकान में हुई सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने चंद घंटों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की पैनी नजर और सटीक मुखबिरी के चलते न केवल चोरी की वारदात सुलझ गई, बल्कि 7 लाख रुपये की कीमत के सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद कर लिए गए हैं। इस पूरी वारदात में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पुलिस ने एक विधि विरुद्ध बालक (नाबालिग) को अपनी अभिरक्षा में लिया।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
विदिशा पुलिस को मंगलवार को एक गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध बालक शहर में चोरी के गहनों के साथ घूम रहा है और उन्हें ठिकाने लगाने की फिराक में है। कोतवाली पुलिस ने समय न गंवाते हुए तत्काल एक विशेष टीम गठित की और घेराबंदी कर संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने सूने घर में सेंधमारी की बात कबूल कर ली।
7 लाख के गहने देख पुलिस भी रह गई दंग
पकड़े गए बालक के पास से पुलिस ने जो मशरूका (सामान) बरामद किया है, उसकी बाजार में कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने उसके कब्जे से निम्नलिखित कीमती आभूषण बरामद किए हैं:
चांदी के गहने: तीन भारी करधोनी, एक जोड़ी पायल और चार चमकदार चूड़ियां।
सोने के गहने: छह मोती वाला कीमती मंगलसूत्र और एक पारंपरिक सोने की पांचाली।
अपराध का ब्यौरा और पुलिसिया एक्शन
यह पूरी कार्रवाई बीएनएस (BNS) की नई धाराओं के तहत की गई है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 287/2026 दर्ज करते हुए धारा 331(1) और 305(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के सख्त निर्देशों के बाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज की टीम ने इस मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
"अपराधियों के खिलाफ विदिशा पुलिस का जीरो टॉलरेंस अभियान जारी रहेगा। इस मामले में तत्परता दिखाने वाली टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।"
— वरिष्ठ पुलिस अधिकारी
इन जांबाजों की रही मुख्य भूमिका
इस गुत्थी को सुलझाने में कोतवाली थाने के उपनिरीक्षक मोहम्मद शाहिद खान, प्रधान आरक्षक विजय गुप्ता, आरक्षक अजय सिकरवार, आरक्षक भूपेंद्र कुर्मी और आरक्षक शिशुपाल सिंह दांगी का विशेष योगदान रहा। टीम की इस मुस्तैदी की पूरे शहर में प्रशंसा हो रही है।
सावधानी ही बचाव है!
शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जब भी घर से बाहर जाएं, तो पड़ोसियों को सूचित करें या सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। विदिशा पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस नाबालिग के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
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