विदिशा/भोपाल:
मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए एक बेहद गौरवशाली और उज्ज्वल भविष्य की नई किरण फूट चुकी है। राजनीति को सेवा और समाज परिवर्तन का माध्यम मानने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को विदिशा में अपने वादे को अमली जामा पहनाते हुए “मामा कोचिंग क्लासेस” का भव्य शुभारंभ किया। यह केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि उन हजारों आंखों के सपनों को हकीकत में बदलने का एक महा-अभियान है, जो संसाधनों के अभाव में अक्सर दम तोड़ देते थे।
विदिशा की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी स्थित ओशो आश्रम परिसर में आयोजित इस समारोह में शिवराज सिंह चौहान के साथ उनकी पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान भी मौजूद रहे। इस पहल ने साफ कर दिया है कि सत्ता में रहें या न रहें, शिवराज सिंह चौहान का अपने 'भांजे-भांजियों' के प्रति स्नेह और उनकी चिंता कभी कम नहीं होने वाली।
पैसा नहीं बनेगा बाधा: प्रतिभा को मिलेगा सही मंच
कोचिंग सेंटर का लोकार्पण करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बहुत ही भावुक और प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि “मामा कोचिंग क्लासेस” का मुख्य लक्ष्य उन प्रतिभाशाली युवाओं को नि:शुल्क मार्गदर्शन देना है, जो आर्थिक तंगी के कारण महंगी कोचिंगों की फीस नहीं भर पाते।
उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे जनता की सेवा का अवसर मिला। किसी भी युवा के सपने इसलिए अधूरे नहीं रहने चाहिए कि उसके पास पैसे या संसाधन नहीं हैं। यदि ग्रामीण अंचल और सामान्य परिवारों के बच्चों को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे प्रशासनिक सेवाओं (UPSC/MPPSC) सहित दुनिया के हर क्षेत्र में झंडे गाड़ सकते हैं।”
हाइब्रिड मॉडल: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं
बदलते दौर की जरूरतों को देखते हुए मामा कोचिंग को आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। यहां केवल क्लासरूम पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन कक्षाओं की भी व्यवस्था की गई है। इससे दूर-दराज के गांवों में बैठे विद्यार्थी भी इस विशेष मार्गदर्शन का लाभ उठा सकेंगे। जिन छात्र-छात्राओं ने प्रवेश ले लिया है, उनकी नियमित कक्षाएं कल से ही शुरू कर दी जाएंगी।
करियर काउंसलिंग: हर हाथ को मिलेगा काम
शिवराज सिंह चौहान ने एक बहुत ही व्यावहारिक बात कही कि हर बच्चे को सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है। इसलिए, मामा कोचिंग में विशेषज्ञों की एक टीम तैनात की जाएगी जो करियर काउंसलिंग करेगी।
विशेषज्ञ मार्गदर्शन: भारत भर से बेहतरीन विषय विशेषज्ञों को बुलाकर बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के गुर सिखाए जाएंगे।
स्वरोजगार पर जोर: सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि युवाओं को उनकी रुचि के अनुसार स्वरोजगार और स्टार्टअप्स के लिए प्रेरित किया जाएगा।
योजनाओं की जानकारी: केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे युवाओं तक पहुंचाई जाएगी ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
राजनीति नहीं, यह तो 'मिशन सेवा' है
इस अवसर पर उन्होंने एक बार फिर अपनी राजनीतिक विचारधारा को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनके लिए राजनीति कभी भी केवल सत्ता पाने का जरिया नहीं रही, बल्कि यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सशक्त उपकरण है। विदिशा से शुरू हुआ यह कारवां यहीं नहीं थमेगा। उन्होंने घोषणा की है कि विदिशा की सफलता के बाद जल्द ही रायसेन और भैरूंदा में भी मामा कोचिंग की शाखाएं खोली जाएंगी, ताकि पूरे क्षेत्र का युवा लाभान्वित हो सके।
विद्यार्थियों में भारी उत्साह
शुभारंभ के मौके पर उपस्थित विद्यार्थियों के चेहरे की चमक बता रही थी कि वे इस पहल से कितने उत्साहित हैं। "मामा" के नाम से लोकप्रिय शिवराज सिंह चौहान का यह कदम मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह संस्थान आने वाले समय में देश के युवाओं को नई दिशा दिखाने वाला एक प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
सपनों की उड़ान को मिला नया आसमान
अगर आप भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और सही मार्गदर्शन की तलाश में हैं, तो विदिशा की यह 'मामा कोचिंग' आपके लिए वरदान साबित हो सकती है। बिना किसी शुल्क के, उच्च स्तरीय शिक्षा और व्यक्तिगत मार्गदर्शन के साथ अब मध्य प्रदेश का हर युवा कहेगा— “अबकी बार, सरकारी नौकरी पार!”
मुख्य हाइलाइट्स:
स्थान: ओशो आश्रम, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, विदिशा।
सुविधा: पूरी तरह नि:शुल्क कोचिंग और करियर काउंसलिंग।
मोड: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों उपलब्ध।
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