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उदयपुर पहाड़ी हत्याकांड: गंजबासौदा में सनसनी

08-06-2026  Vidisha Raghvendra dangi  8 views
उदयपुर पहाड़ी हत्याकांड: गंजबासौदा में सनसनी

नरेंद्र प्रताप सिंह गंजबासौदा (विदिशा): विदिशा जिले के गंजबासौदा में हुए एक वीभत्स हत्याकांड का पुलिस ने महज कुछ दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। उदयपुर की सुनसान पहाड़ी पर मिले एक युवक के शव ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी, लेकिन पुलिस की तकनीकी विवेचना और तत्परता ने कातिल को बेनकाब कर उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

गुमशुदगी बनी हत्या का केस

घटना की शुरुआत 2 जून 2026 को हुई, जब ग्राम गंज निवासी भारत सिंह अहिरवार ने अपने 20 वर्षीय पुत्र कन्हैया उर्फ मनीष अहिरवार के लापता होने की सूचना थाने में दी। पुलिस अभी कन्हैया की तलाश ही कर रही थी कि 4 जून को उदयपुर की पहाड़ी पर झाड़ियों के बीच एक अज्ञात शव मिला। मौके पर पहुँची पुलिस ने जब शव की शिनाख्त की, तो वह कन्हैया उर्फ मनीष का निकला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल की परिस्थितियों ने इसे हत्या का मामला बना दिया, जिसके बाद पुलिस ने सक्रियता बढ़ा दी।

तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सटीक सूचना

पुलिस अधीक्षक विदिशा रोहित काशवानी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी शिखा भलावी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों को खंगाला और साइबर सेल की मदद से संदिग्धों की घेराबंदी शुरू की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने वार्ड क्रमांक 06, गायत्री नगर निवासी सूरज प्रजापति (21 वर्ष) को हिरासत में लिया।

ई-रिक्शा की बैटरी और चार्जर के लिए किया ‘कत्ल’

सख्ती से पूछताछ किए जाने पर आरोपी सूरज प्रजापति ने अपना जुर्म कबूल लिया। उसने बताया कि उसने महज ई-रिक्शा की बैटरी, चार्जर और मोबाइल फोन लूटने की नियत से अपने ही दोस्त कन्हैया की हत्या कर दी। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए भारी पत्थर का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त पत्थर, मृतक का मोबाइल फोन, ई-रिक्शा की बैटरी और चार्जर बरामद कर लिया है।

कानून का शिकंजा

आरोपी सूरज प्रजापति के खिलाफ थाना गंजबासौदा शहर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238(ए) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई

इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय वेदिया, मोहर सिंह, उपनिरीक्षक रितुराज सिंह, गौरव रघुवंशी, राधेश्याम यादव सहित आरक्षकों की पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में अपराधियों के मन में डर पैदा कर दिया है और पुलिस की कार्यशैली की हर तरफ सराहना हो रही है।


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