विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ मुरवास पुलिस ने अपनी तत्परता का परिचय देते हुए एक सनसनीखेज दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले के तीनों नामजद आरोपियों को अपराध दर्ज होने के मात्र 48 घंटे के भीतर धर दबोचा है। इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना हो रही है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 16 जुलाई 2026 की है, जब एक पीड़िता ने महिला थाना विदिशा में पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई। फरियादिया ने अपनी शिकायत में नसीर खान, अख्तर खान और जावेद खान पर छेड़छाड़, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे। मामला संवेदनशील होने के कारण महिला थाना पुलिस ने तत्काल 'जीरो पर एफआईआर' दर्ज की और जांच के लिए इसे मुरवास थाना क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया।
मुरवास पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जैसे 64(2)(d), 74, 75(1)(i), 351(3) और 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
पुलिस की 'स्पेशल टीम' ने बिछाया जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए विदिशा पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने इसे प्राथमिकता पर लिया। उनके निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी के मार्गदर्शन में, एसडीओपी लटेरी अमरेश बोहरे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
थाना प्रभारी मुरवास, उप निरीक्षक लक्ष्मण डावर की अगुवाई में इस टीम ने तकनीक और मुखबिरों के जाल का उपयोग करते हुए आरोपियों की घेराबंदी की। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के आगे आरोपियों के हौसले पस्त हो गए और महज 48 घंटों के भीतर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों ने कबूला गुनाह
पकड़े गए आरोपियों की पहचान जावेद खान (29 वर्ष, निवासी मुरवास), अख्तर खान (35 वर्ष, निवासी मुरवास) और नसीर खान (42 वर्ष, निवासी रोजरू, थाना देहात बासौदा) के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा हेतु लटेरी स्थित माननीय जेएमएफसी न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस टीम की जांबाजी
इस जटिल मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी लक्ष्मण डावर की पूरी टीम ने सराहनीय कार्य किया है। टीम में शामिल सहायक उप निरीक्षक संतोष गौड़, प्रधान आरक्षक बृजेंद्र रघुवंशी, सीताराम, संजेश दुबे, आरक्षक संदीप मौर्य, मर्दन भील, ऋषिकेश और महिला आरक्षक सोनम जैन ने अपनी भूमिका का बखूबी निर्वहन किया।
विदिशा पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश साफ दे दिया है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस की इस तेज तर्रार कार्रवाई का स्वागत किया है।
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