राजेश शर्मा भोपाल। राजधानी भोपाल के भारतीय किसान संघ कार्यालय में शुक्रवार का दिन किसानों की उन्नति और संगठन की मजबूती के नाम रहा। भारतीय किसान संघ मध्यभारत प्रांत की प्रांतीय बैठक में न केवल जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों की समीक्षा हुई, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक 'मास्टर प्लान' भी तैयार किया गया। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस मैराथन मंथन ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले दिनों में भारतीय किसान संघ अपनी सक्रियता को और अधिक आक्रामक और प्रभावी बनाने जा रहा है।
अखिल भारतीय अध्यक्ष का मिला ‘गुरुमंत्र’
इस महत्वपूर्ण बैठक में भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। उनके सानिध्य में हुई चर्चाओं ने संगठन की आगामी दिशा को स्पष्ट कर दिया। बैठक में प्रांत के वरिष्ठ पदाधिकारियों से लेकर जिला स्तर के जिम्मेदार चेहरों तक ने हिस्सा लिया। प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य, संभाग के अध्यक्ष-मंत्री, जिला अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष और महिला संयोजिकाओं की उपस्थिति ने इस बैठक को एक लघु महाकुंभ का स्वरूप दे दिया।
'अन्न संग्रह' से लेकर 'वृक्षारोपण' तक: एजेंडे में क्या रहा खास?
बैठक का मुख्य केंद्र संगठन की मजबूती और किसान कल्याण था। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं को देखें तो स्पष्ट है कि संगठन का विजन एकदम साफ है:
अन्न संग्रह अभियान: बैठक में 'अन्न संग्रह' अभियान की बारीकियों पर गहन समीक्षा की गई। रसीदों और धन्यवाद पत्रकों के संकलन को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
महिला शक्ति का शंखनाद: दिल्ली में प्रस्तावित आगामी महिला सम्मेलन को लेकर विशेष लक्ष्य तय किए गए। यह बैठक संकेत देती है कि आने वाले समय में किसान आंदोलन और संगठन में महिलाओं की भागीदारी और अधिक सशक्त होने वाली है।
प्रकृति के साथ किसान: सिर्फ खेती ही नहीं, पर्यावरण को लेकर भी संगठन गंभीर है। तहसील स्तर पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाने की ठोस रूपरेखा तैयार की गई है।
बलराम जयंती की तैयारी: 'हलधर' भगवान बलराम की जयंती को भव्यता के साथ मनाने के लिए कार्यक्रमों का निर्धारण किया गया है, जो किसानों के लिए गर्व का विषय है।
अभ्यास वर्गों का शेड्यूल: संगठन के नए कार्यकर्ताओं को तैयार करने और पुराने पदाधिकारियों को अपडेट करने के लिए जिला स्तर पर आयोजित होने वाले अभ्यास वर्गों की तिथियों और स्थानों पर भी मुहर लगाई गई।
संगठन को मिली ‘नई ऊर्जा’
बैठक के दौरान प्रांत अध्यक्ष की अनुमति से कई अन्य महत्वपूर्ण किसान हितैषी मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा हुई। बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने एक स्वर में माना कि किसान हित में सरकार के साथ सामंजस्य बिठाने और अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए संगठन का जमीनी स्तर पर मजबूत होना अनिवार्य है।
इस बैठक ने न केवल संगठनात्मक खामियों को दूर करने की दिशा में काम किया, बल्कि आने वाले दिनों में प्रदेश भर के किसानों को एक बड़ा और संगठित मंच देने की जमीन भी तैयार कर दी है। भोपाल में हुए इस मंथन से निकली गूँज अब प्रदेश के हर खेत और खलिहान तक पहुँचने वाली है।
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