राजकोट: पत्रकारिता का अर्थ केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को निभाना है। इसी विचार को बुलंद करते हुए साधना न्यूज़ के चैनल हेड डॉ. अरुण सक्सेना ने एक ऐसा मंत्र दिया जो आने वाले समय में पत्रकारों के लिए पाथेय बनेगा। राजकोट के प्रतिष्ठित 'अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम' में आयोजित साधना न्यूज़ के नवनिर्मित ब्यूरो कार्यालय के शुभारंभ और गुजरात विस्तार समारोह में डॉ. सक्सेना ने कहा, “कलम केवल शब्द नहीं लिखती, वह आने वाली पीढ़ियों का इतिहास लिखती है।”
पत्रकारिता: लोकतंत्र की धड़कन और समाज की चेतना
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. अरुण सक्सेना ने पत्रकारिता की गहराई को परिभाषित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पत्रकारिता محض घटनाओं का संकलन भर नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की आत्मा है। एक पत्रकार की कलम जब सत्य, न्याय और जनहित के लिए चलती है, तो वह समाज में बदलाव की नींव रखती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में जब सूचनाएं पलक झपकते ही फैल जाती हैं, तब पत्रकार की जिम्मेदारी कहीं अधिक बढ़ जाती है। निष्पक्षता और विश्वसनीयता ही मीडिया की असली पूंजी है।
युवा पत्रकारों के लिए 'मिशन मोड' का संदेश
डिजिटल क्रांति और सोशल मीडिया के युग में पत्रकारिता के स्वरूप में तेजी से बदलाव आया है। डॉ. सक्सेना ने युवा पीढ़ी के पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पत्रकारिता को केवल करियर या रोजगार की दृष्टि से न देखें। इसे 'राष्ट्र निर्माण के मिशन' के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि एक प्रामाणिक रिपोर्ट ही आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास का दस्तावेज बनती है।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
साधना न्यूज़ के इस भव्य कार्यक्रम में गुजरात की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र के दिग्गज एक मंच पर नजर आए। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए गुजरात सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्री कांति भाई अमरूतिया, राजकोट की विधायक डॉ. दर्शिता शाह, गायत्री पीठ के अश्विन भाई रावल, जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष जयेशभाई राडड़िया और चेयरमैन जीतुभाई लाल जैसे गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा ऋषि गोस्वामी और जिग्नेश पटेल सहित अनेक पत्रकारों एवं प्रबुद्धजनों ने इस ऐतिहासिक क्षण को साझा किया।
विदिशा भारती के पाठकों के लिए विशेष संदेश
साधना न्यूज़ का राजकोट में यह विस्तार न केवल एक ऑफिस का शुभारंभ है, बल्कि यह क्षेत्र की आवाज़ को और अधिक सशक्त करने का एक माध्यम है। डॉ. सक्सेना के ये विचार न केवल पत्रकारों के लिए, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो शब्द और विचार की शक्ति में विश्वास रखते हैं। 'विदिशा भारती' अपने पाठकों को विश्वास दिलाता है कि हम इसी प्रकार निष्पक्ष और प्रेरणादायक खबरें आप तक पहुँचाते रहेंगे।
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