भोपाल: मध्य प्रदेश में टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग के धंधे पर लगाम कसने के लिए सरकार ने एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। वाणिज्यिक कर विभाग ने एक अत्याधुनिक 'इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल' लॉन्च किया है, जो सीधे तौर पर टैक्स चोरों की नींद उड़ाने वाला है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोमवार को इस पोर्टल का शुभारंभ करते हुए साफ कर दिया कि अब प्रदेश के राजस्व को चूना लगाने वालों की जानकारी सीधे विभाग तक पहुंचेगी।
क्या है यह 'इन्फॉर्मेशन मॉड्यूल' और कैसे करेगा काम?
अक्सर देखा जाता है कि कई व्यापारी बिना बिल के सामान बेचते हैं या फर्जी बिलिंग के जरिए सरकार को करोड़ों का चूना लगाते हैं। अब इसी लूपहोल को बंद करने के लिए इस मॉड्यूल को डिजाइन किया गया है। यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहां कोई भी सजग नागरिक टैक्स चोरी की गोपनीय जानकारी विभाग को दे सकता है।
इस मॉड्यूल के जरिए इन गतिविधियों की शिकायत की जा सकेगी:
फर्जी बिलिंग: कागजों पर फर्जी लेनदेन दिखाकर टैक्स बचाना।
बिना बिल का व्यापार: ग्राहकों को पक्का बिल न देना।
अवैध गोदाम: बिना जानकारी के स्टॉक छिपाकर रखना।
सदिग्ध गतिविधियां: कर चोरी से जुड़ी कोई भी अन्य अनियमितता।
आम जनता बनेगी 'टैक्स डिटेक्टिव', मिलेगी पूरी पारदर्शिता
उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस मॉड्यूल से न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता भी आएगी। खास बात यह है कि नागरिक द्वारा दी गई जानकारी पर क्या कार्रवाई हुई, इसका स्टेटस भी पोर्टल पर मौजूद डैशबोर्ड के जरिए देखा जा सकेगा। इससे अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी।
"यह मॉड्यूल कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाएगा। नागरिकों की छोटी सी सूचना राज्य के विकास के लिए बड़े संसाधन जुटाने में मददगार साबित होगी।" - जगदीश देवड़ा, उपमुख्यमंत्री
गोपनीय रहेगी जानकारी, विभाग करेगा तुरंत एक्शन
वाणिज्यिक कर आयुक्त अनय द्विवेदी ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे राज्य हित में इस मॉड्यूल का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें। विभाग को मिलने वाली सूचनाओं का पहले गहन विश्लेषण और सत्यापन किया जाएगा। यदि सूचना सही पाई जाती है, तो संबंधित दोषियों पर तत्काल नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैसे करें उपयोग?
अगर आपके पास भी किसी टैक्स चोरी की जानकारी है, तो आप विभाग की आधिकारिक वेबसाइट mptax.mp.gov.in पर जा सकते हैं। सीधे सूचना देने के लिए विभाग ने लिंक http://117.239.38.166/info/index.jsp भी जारी किया है।
निष्कर्ष: ईमानदार व्यापारियों के लिए राहत
सरकार के इस कदम से उन ईमानदार व्यापारियों को राहत मिलेगी जो सही तरीके से टैक्स भरकर व्यापार करते हैं, लेकिन फर्जी बिलिंग करने वालों की वजह से बाजार में प्रतिस्पर्धा का सामना नहीं कर पाते। अब एक क्लिक पर फर्जीवाड़ा उजागर होगा और मध्य प्रदेश के खजाने में इजाफा होगा।
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