नरेंद्र गोलू दांगी गंज बासौदा मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक बेहद दहला देने वाली और दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। गंजबासौदा तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पड़रिया शिवरामपुर में एक कलयुगी पिता ने अपनी सारी हदें पार करते हुए इंसानियत का गला घोंट दिया। शराबी पिता की हैवानियत का ऐसा खौफनाक मंजर देखकर वहां मौजूद लोगों का कलेजा फट गया और वे थर-थर कांप उठे। आरोपी पिता ने अपने ही 10 साल के मासूम बेटे के हाथ-रस्सी से बांधकर उसे मोटरसाइकिल के पीछे घसीटा, जिससे बच्चा गंभीर रूप से लहूलुहान हो गया। इस खौफनाक वाकये ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और हर तरफ इस जालिम पिता की आलोचना हो रही है।
शराब का आदी था आरोपी पिता, मां भी छोड़ चुकी थी घर
गांधीग्राम के सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी ने इस पूरी घटना की दर्दनाक दास्तां बयां करते हुए बताया कि आरोपी पिता तूफान सिंह शराब पीने का बेहद आदी है। वह पिछले कई दिनों से अपने चारों मासूम बच्चों पर बेइंतहा जुल्म ढा रहा था और लगातार मारपीट कर रहा था। ग्रामीणों ने कई बार उसे प्यार से और समझाकर इस क्रूरता को रोकने की कोशिश की, लेकिन हर बार वह और अधिक उग्र हो जाता था।
बेसहारा हुए बच्चे: घर में बच्चों की सुधि लेने वाला कोई और नहीं था।
तंग आकर छोड़ा घर: बच्चों की मां इस शराबी पति की लगातार प्रताड़ना और रोज-रोज के घरेलू कलह से तंग आकर काफी पहले ही घर छोड़कर जा चुकी थी।
बाइक से घसीटा 100 मीटर तक, चीखता रहा मासूम
मां के जाने के बाद घर के ये चारों मासूम बच्चे अक्सर भूखे पेट सोने को मजबूर रहते थे। गांव के दयालु लोग अपनी तरफ से तरस खाकर बच्चों को खाने-पीने का सामान देते थे, जिससे उनका पेट भर सके। लेकिन गुरुवार का दिन इन बच्चों के लिए किसी प्रलय से कम नहीं साबित हुआ।
आरोपी तूफान सिंह शराब के नशे में धुत होकर घर पहुंचा और हमेशा की तरह बच्चों को बेरहमी से पीटने लगा। इतने पर भी जब उसका क्रूर मन नहीं भरा, तो उसने अपने सबसे बड़े 10 साल के बेटे के हाथ-रस्सी से कसकर बांध दिए और उसे अपनी बाइक से बांधकर करीब 100 मीटर तक सड़क पर घसीटता चला गया। मासूम बच्चा दर्द से चीखता-चिल्लाता रहा, रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन उस जालिम पिता के सीने में जरा भी दया नहीं पिघली।
सरपंच और ग्रामीणों की सूझबूझ से पकड़ा गया दरिंदा
इस भयावह और खौफनाक दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों का खून खौल उठा। सरपंच लक्ष्मण सिंह दांगी ने जब बीच-बचाव कर बच्चे को छुड़ाने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उनके साथ भी जमकर अभद्रता की। हालांकि, ग्रामीणों ने अपनी हिम्मत और मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उस दरिंदे को दबोच लिया और फौरन डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
यह सनसनीखेज मामला जैसे ही कलेक्टर अंशुल गुप्ता तक पहुंचा, पूरा जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग तुरंत एक्टिव मोड में आ गया। गंजबासौदा थाना प्रभारी जयकुमार सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
सुरक्षित आशियाने में पहुंचे चारों मासूम
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद चारों पीड़ित बच्चों को तुरंत सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया। विदिशा की बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्यों ने बच्चों से मिलकर उनकी विधिवत काउंसलिंग की। काउंसलिंग के दौरान डरे-सहमे मासूमों ने अपने पिता की हैवानियत की एक-एक दर्दनाक दास्तां समिति के सामने बयां की।
बाल कल्याण समिति के सदस्य चंद्रभान बघेल ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी चारों मासूम बच्चों को बेहतर देखभाल, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए भोपाल स्थित बालगृह में सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। वहीं, थाना प्रभारी गंजबासौदा जयकुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि आरोपी पिता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेजने की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है, ताकि इस तरह की घिनौनी हरकत करने वालों को समाज में कड़ा संदेश मिल सके।
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