सांची। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सांची इन दिनों बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। नगर में गहराते जल संकट और अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की कथित लापरवाही से गुस्साए नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों का सब्र आखिरकार टूट गया। सोमवार को नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षदों ने न केवल कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोला, बल्कि जल संयंत्र (Water Plant) के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्यास से तड़प रहा शहर: 3 दिन में मिल रहा एक बार पानी
सांची के अधिकांश वार्डों में स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। आलम यह है कि लोगों को दो से तीन दिन के अंतराल में पानी नसीब हो रहा है। नगर परिषद प्रशासन अपने स्तर पर व्यवस्थाएं जुटाने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की सुस्ती ने पूरी सिस्टम की कमर तोड़ दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच पानी की किल्लत ने जीना मुहाल कर दिया है।
आपातकालीन बैठक और 'तालाबंदी' का फैसला
बढ़ती जनसमस्या को देखते हुए नगर परिषद अध्यक्ष एवं पार्षदों ने एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। बैठक में पार्षदों ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। इसके तुरंत बाद सभी जनप्रतिनिधि सीधे अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के जल संयंत्र पहुंचे और कंपनी के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मुख्य गेट पर ताला लगा दिया।
"कंपनी को सांची में जल प्रदाय के लिए पर्याप्त समय और संसाधन दिए गए, लेकिन इनकी लापरवाही के कारण आज पूरा नगर प्यासा है। अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" - नगर परिषद प्रतिनिधि
नोटिस को भी किया अनसुना, अब ब्लैकलिस्ट की मांग
नगर परिषद का आरोप है कि अर्बन कंपनी को काम पूरा करने के लिए बार-बार मोहलत दी गई। परिषद द्वारा कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए और मध्य प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी शिकायत भेजी गई, लेकिन कंपनी के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
परिषद ने अब निम्नलिखित कदम उठाने की चेतावनी दी है:
अर्बन डेवलपमेंट कंपनी को तत्काल ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव।
नगरीय प्रशासन विभाग से कंपनी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग।
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर वैकल्पिक जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील।
जनता में भारी आक्रोश
सांची की जनता अब आर-पार के मूड में है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही जलापूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, जनप्रतिनिधियों द्वारा ताला लगाए जाने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लापरवाह कंपनी पर क्या चाबुक चलाती है।
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