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सांची में जल संकट का तांडव: 1.25 करोड़ की योजना 'हवा-हवाई

27-04-2026  Waseem Qureshi  84 views

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सांची। विश्व धरोहर नगरी सांची में इस वक्त गर्मी के तेवर तीखे होते ही बूंद-बूंद के लिए हाहाकार मच गया है। नगर में पेयजल संकट इतना विकराल हो चुका है कि लोगों को अब दो-दो दिन तक पानी का इंतजार करना पड़ रहा है। दावों और वादों की हकीकत जानने जब सोमवार को नगर परिषद की टीम ग्राउंड जीरो पर उतरी, तो भ्रष्टाचार और लापरवाही की ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिसने अधिकारियों के होश उड़ा दिए।

करोड़ों का बजट, फिर भी सूखा है कंठ

नगर में जल संवर्धन योजना के तहत करीब 1.25 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई थी। इस योजना का आगाज साल 2020 में बड़े तामझाम के साथ किया गया था, जिसका लक्ष्य 2023 तक हर घर को नल से जल उपलब्ध कराना था। लेकिन हकीकत यह है कि समय सीमा बीतने के एक साल बाद भी योजना कागजों और आधे-अधूरे कामों में दफन है।

अध्यक्ष ने पकड़ी चोरी: घटिया पाइपलाइन और अधूरा काम

सोमवार को नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम, उपाध्यक्ष और सीएमओ रामलाल कुशवाहा ने जब स्टॉक डैम का निरीक्षण किया, तो अर्बन कंपनी के दावों की पोल खुल गई। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:

घटिया निर्माण: स्टॉक डैम से सांची तक पानी लाने के लिए बिछाई गई पाइपलाइन की गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह लोड झेलने में सक्षम नहीं दिख रही। पाइपलाइन के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की गई है।

अधूरा स्टॉक डैम: कंपनी को नीमखेड़ा बेस नदी पर स्टॉक डैम बनाकर पानी की सप्लाई सुनिश्चित करनी थी, लेकिन वहां काम की रफ़्तार शून्य है।

अनिश्चित सप्लाई: नगर में पहले पानी की सप्लाई सीमित थी, जो अब घटकर दो दिन में एक बार रह गई है। पानी कब आएगा, इसका कोई समय तय नहीं है।

नगर परिषद ने जताया कड़ा रोष

अध्यक्ष पप्पू रेवाराम ने सीधे तौर पर अर्बन कंपनी को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कंपनी केवल झूठे दावे कर रही है। धरातल पर पानी लाने की कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी की इस लापरवाही और भ्रष्टाचार की वास्तविक स्थिति से जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।

"जनता प्यासी है और ठेकेदार मौज में हैं। 2023 तक काम पूरा होना था, लेकिन आज भी लोग खाली बाल्टियां लेकर भटक रहे हैं। हम इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।" > — पप्पू रेवाराम, अध्यक्ष, नगर परिषद सांची

जनता में भारी आक्रोश

एक ओर सांची को स्मार्ट सिटी और पर्यटन के नक्शे पर चमकाने की बातें होती हैं, वहीं दूसरी ओर मूलभूत सुविधाओं के लिए नागरिकों को संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही पाइपलाइन सुधार कर पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

सांची की यह स्थिति सिस्टम की विफलता का जीता-जागता उदाहरण है। 1.25 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद भी यदि जनता को पानी नहीं मिल रहा, तो सवाल उठना लाजमी है कि आखिर यह पैसा किसकी जेब में गया?


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