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पठारी में बुंदेली लोकगीतों की गूंज, नवरात्रि महोत्सव में छाया उल्लास

13-10-2026  Vidisha Bharti Desk  73 views
पठारी में बुंदेली लोकगीतों की गूंज, नवरात्रि महोत्सव में छाया उल्लास

विदिशा भारती डेस्क

पठारी। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर पठारी नगर पूरी तरह भक्ति और लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आ रहा है। नगर के प्रसिद्ध पठार वाले हनुमान मंदिर परिसर में सोमवार की शाम बुंदेली लोक संस्कृति का ऐसा रंग जमा कि आधी रात तक श्रोता अपनी जगहों पर झूमते रहे। अवसर था बड़ी माता मंदिर समिति द्वारा आयोजित भव्य बुंदेली लोकगीत समारोह का। इस सांस्कृतिक निशा में बुंदेलखंड के लोकप्रिय गायक भगत राजा और गायिका निशा भारती ने अपनी सुरीली जुगलबंदी और जोशीले तरानों से ऐसा समा बांधा कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट और माता रानी के जयकारों से गूंज उठा।


भक्ति रस से हुई शुरुआत, माता रानी के भजनों पर थिरके श्रद्धालु

कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक विधि-विधान और मां भगवती की स्तुति के साथ हुआ। जैसे ही मंच पर भगत राजा और निशा भारती की जोड़ी ने माइक संभाला, समूचा पांडाल उत्साह से भर गया। कलाकारों ने सबसे पहले मां दुर्गा की महिमा का गुणगान करते हुए सुरीले भजनों की झड़ी लगा दी।

जब निशा भारती ने अपनी खनकती आवाज में गाया—

मेरी माता रानी का जो दिल से गुलाम हो गया, उसका इस दुनिया में सबसे ऊपर नाम हो गया… तो उपस्थित हर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर सुर में सुर मिलाने लगा। ढोलक की थाप, नगाड़े की गूंज और हारमोनियम की सुरीली धुनों के बीच माता रानी के दरबार में देर रात तक भक्ति रस की अविरल धारा बहती रही।

हास्य, व्यंग्य और बुंदेली जवाबी तराने: देर रात तक जमा रंग

भक्ति गीतों के बाद जब लोकगीतों और जवाबी तरानों का दौर शुरू हुआ, तो माहौल पूरी तरह चटकीला और मनोरंजक हो गया। भगत राजा और निशा भारती के बीच नोकझोंक भरे बुंदेली अंदाज ने दर्शकों को पेट पकड़कर हंसने पर मजबूर कर दिया।  
बुंदेली माटी की सोंधी महक और ठेठ देसी मुहावरों से सजी प्रस्तुतियों ने महफिल में चार चांद लगा दिए। श्रोताओं की ओर से लगातार एक के बाद एक फरमाइशें आती रहीं और दोनों फनकारों ने भी जनता की नब्ज पहचानते हुए धार्मिक, सामाजिक और हास्य रस के पारंपरिक गीतों की ऐसी झड़ी लगाई कि ठंडक भरी रात में भी परिसर का पारा गरमा गया। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई बुंदेलखंडी लोक संस्कृति के इस अनुपम संगम का लुत्फ उठाता दिखा।

समिति का भव्य आयोजन, कलाकारों का आत्मीय सम्मान

जय अंबे नवदुर्गा उत्सव बड़ी माता मंदिर समिति द्वारा नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की भव्य श्रृंखला तैयार की गई है। सोमवार को संपन्न हुआ यह लोकगीत कार्यक्रम इसी श्रृंखला का पहला चरण था।  
समारोह के दौरान मंच पर पधारे सभी लोक कलाकारों का आत्मीय स्वागत किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री कप्तान सिंह यादव द्वारा किया गया। उन्होंने कलाकारों को पुष्पहार पहनाकर बुंदेलखंड की लोक परंपरा को जीवित रखने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उनके प्रयासों की सराहना की। आयोजन समिति के सदस्यों ने भी अतिथियों और कलाकारों का पारंपरिक ढंग से अभिनंदन किया।  


मंच पर मौजूद रहे गणमान्यजन  


इस गरिमामय लोक उत्सव में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और समाजसेवी साक्षी बने। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से: कप्तान सिंह यादव (किसान मोर्चा प्रदेश महामंत्री) हरिनेश यादव (जनपद उपाध्यक्ष) अखिलेश पंथी (सरपंच प्रतिनिधि) मनोज रिछारिया मनोज सिंघई  रवि रिछारिया शिव कुमार यादव अशोक रिछारिया सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समिति के पदाधिकारी और आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए सैकड़ों श्रोता उपस्थित रहे।

और भी मचेगी बुंदेली लोक संगीत की धूम:

जय सिंह राजा और जित्तू खरे बादल की होगी एंट्री बड़ी माता मंदिर समिति ने जानकारी दी कि नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत अभी लोक संस्कृति का यह रोमांच थमने वाला नहीं है। आगामी दिनों में दो और बड़े सितारों के कार्यक्रम तय किए गए हैं, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में भारी उत्साह है :

16 अक्टूबर को जय सिंह राजा की प्रस्तुति:

बुंदेली गायकी के सिरमौर जय सिंह राजा 16 अक्टूबर की शाम पठारी में अपनी खनकदार आवाज का जादू बिखेरेंगे।

18 अक्टूबर को जित्तू खरे बादल का महामुकाबला: बुंदेली लोकगीतों के बादशाह कहे जाने वाले जित्तू खरे ‘बादल’ 18 अक्टूबर को अपनी पूरी मंडली के साथ मंच पर उतरेंगे, जहां उनके मशहूर बुंदेली लोकगीत और जवाबी मुकाबले सुनने को मिलेंगे।

पठारी नगर और आसपास के क्षेत्रों में इन आयोजनों को लेकर अभी से उत्सुकता चरम पर है। मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से आगामी कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर शामिल होने और बुंदेली संस्कृति का आनंद लेने की अपील की है।  


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