विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की लटेरी पुलिस ने एक साहसी और तकनीकी ऑपरेशन के जरिए डकैती जैसी गंभीर वारदात का महज कुछ दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने न केवल घटना में शामिल 5 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, बल्कि लूटी गई 5 लाख की नगदी और वाहनों सहित कुल 8 लाख रुपये का मशरूका भी बरामद कर लिया है।
क्या थी पूरी घटना?
मामला 30 मई 2026 का है। फरियादी लक्ष्मण सिंह बंजारा अपने साथी मेहरवान सिंह के साथ मधुसूदनगढ़-लटेरी मार्ग से गुजर रहे थे। तभी बड़ी मदागन के आगे सुनसान जंगल क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि 5 लाख रुपये नगद, दो मोटरसाइकिल, मोबाइल, और डीजल से भरी कैन लूटकर जंगल के अंधेरे में गायब हो गए। 31 मई को लटेरी थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था।
100 पुलिसकर्मियों का 'जंगल कॉम्बिंग' ऑपरेशन
विदिशा पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में एक विशेष ऑपरेशन चलाया गया। लटेरी और सिरोंज के एसडीओपी के नेतृत्व में 100 जवानों की एक विशाल टीम ने बीहड़ों और जंगलों में सघन कॉम्बिंग शुरू की।
पुलिस ने पारंपरिक मुखबिर तंत्र के साथ-साथ 'तकनीकी विवेचना' का सहारा लिया। डिजिटल साक्ष्यों और लोकेशन ट्रेसिंग के जरिए पुलिस ने रायपुरा निवासी पांच संदिग्धों तक अपनी पहुँच बनाई।
पुलिस के जाल में फंसे 'रायपुरा के लुटेरे'
सघन दबिश और घेराबंदी के बाद पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को दबोचा है, उनमें:
पहलवान (18 वर्ष)
बनवारी (35 वर्ष)
नीलेश (19 वर्ष)
समंदर (19 वर्ष)
हेमराज (22 वर्ष) शामिल हैं।
सभी आरोपी लटेरी थाना क्षेत्र के रायपुरा गाँव के रहने वाले हैं। पुलिस की गिरफ्त में आते ही अपराधियों के हौसले पस्त हो गए।
8 लाख का मशरूका, 100% बरामदगी
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि मशरूका की शत-प्रतिशत बरामदगी रही। पुलिस ने लूटे गए 5 लाख रुपये नगद, फरियादी की 2 मोटरसाइकिलें, घटना में इस्तेमाल की गई 2 अन्य मोटरसाइकिलें, मोबाइल फोन और लूटा गया अन्य सामान बरामद किया है। बरामद किए गए कुल माल की अनुमानित कीमत 8 लाख रुपये आंकी गई है।
आमजन में बढ़ा पुलिस का भरोसा
लटेरी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों में खौफ पैदा कर दिया है। जहाँ एक ओर बदमाशों के मंसूबे धरे के धरे रह गए, वहीं आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास और भी मजबूत हुआ है। पुलिस अधीक्षक विदिशा ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। अब देखना यह है कि न्यायालय में इस मामले में पुलिस कितनी जल्दी चालान पेश कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाती है।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *