Vidisha Bharti

Header
collapse
...
Home / धर्म एवं संस्कृति / नरसिंहपुर में 'जुए' का काला खेल: मासूमों के हाथों में थमाए नोट

नरसिंहपुर में 'जुए' का काला खेल: मासूमों के हाथों में थमाए नोट

28-06-2026  Vijay Sharma  23 views
नरसिंहपुर में 'जुए' का काला खेल: मासूमों के हाथों में थमाए नोट

नरसिंहपुर: क्या हमारे शहर की गलियों में अपराध का 'पाठशाला' खुल गया है? एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। नरसिंहपुर के स्टेशन थाना क्षेत्र से वायरल हो रहे इस वीडियो में जो कुछ दिख रहा है, वह न केवल हैरान करने वाला है बल्कि हमारी सामाजिक व्यवस्था पर एक करारा तमाचा भी है। यहाँ खुलेआम जुए की महफिल सज रही है, और इस महफिल के 'खिलाड़ी' कोई बड़े अपराधी नहीं, बल्कि वे मासूम बच्चे हैं, जिनके कंधों पर कल का भविष्य टिका है।

कलम की जगह थमाए पत्ते, जुआरी बना रहे ‘भविष्य का अपराधी’

जिस उम्र में बच्चों के हाथों में बस्ता और किताब होनी चाहिए, और दिमाग में भविष्य के सपने, उस उम्र में इन बच्चों को जुए के दांव लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ये बच्चे बड़ी चालाकी से नोटों को दांव पर लगा रहे हैं। यह सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक गहरी साजिश है जो इन मासूमों के चरित्र का कत्ल कर रही है। इन्हें अपराध की ऐसी दलदल में धकेला जा रहा है, जहाँ से वापसी बहुत मुश्किल होती है।

'स्टेशन' बना जुआरियों का अड्डा, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल

यह पूरा मामला शहर के व्यस्ततम स्टेशन थाना क्षेत्र का है। सवाल यह है कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार कैसे फल-फूल रहा है? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के कारण जुआरियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें कानून का जरा भी खौफ नहीं है। क्या पुलिस प्रशासन को ऐसे संवेदनशील इलाकों में निगरानी रखने की फुर्सत नहीं है? या फिर 'खाकी' की वर्दी के नीचे यह खेल किसी मिलीभगत का परिणाम है?

'छोटा जुआ' बन सकता है ‘बड़ा खतरा’

जानकारों का मानना है कि अपराध की शुरुआत अक्सर ऐसी ही छोटी गलतियों से होती है। यदि समय रहते इस अवैध कारोबार पर ताला नहीं लगाया गया, तो यह 'छोटा जुआ' जल्द ही संगठित अपराध का रूप ले लेगा। नशे और जुए की लत में पड़े ये बच्चे कल को चोरी, लूटपाट और अन्य गंभीर अपराधों की ओर भी कदम बढ़ा सकते हैं। यह सिर्फ नरसिंहपुर की नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी की सुरक्षा का मामला है।

प्रशासन कब तोड़ेगा चुप्पी?

वीडियो वायरल होने के बाद भी अब तक पुलिस की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है। लोग सोशल मीडिया पर पुलिस से सवाल कर रहे हैं कि क्या दोषियों पर कार्रवाई करने के लिए किसी और घटना का इंतजार किया जा रहा है?

हमारी अपील: यह खबर केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। एक जागरूक नागरिक होने के नाते हमें अपने आसपास हो रही ऐसी गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। क्या आप चाहेंगे कि आपका शहर अपराधियों की नर्सरी बने? यदि नहीं, तो प्रशासन को जगाना होगा और इन मासूमों को अपराध की दुनिया से बाहर निकालना होगा।

क्या पुलिस प्रशासन को स्टेशन क्षेत्र में चल रहे इस अवैध खेल पर कड़ी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? हमें कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर बताएं।


Share:

रिक्वायरमेंट

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Your experience on this site will be improved by allowing cookies Cookie Policy