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MP में सादगी की मिसाल: डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने छोड़ी पायलट-फॉलो गाड़ियाँ

15-05-2026  Editor Shubham Jain  14 views
MP में सादगी की मिसाल: डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने छोड़ी पायलट-फॉलो गाड़ियाँ

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में सादगी और अनुशासन की एक नई मिसाल पेश करते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के 'मितव्ययिता' और 'ईंधन संरक्षण' के आह्वान को शिरोधार्य करते हुए देवड़ा ने अपने कारकेड (काफिले) से पायलट और फॉलो वाहन की सुविधा त्याग दी है।

एक झटके में लौटाया स्टाफ और गाड़ियों का काफिला

आमतौर पर वीआईपी कल्चर की पहचान माने जाने वाले चमचमाते फॉलो वाहनों और हूटर बजाती पायलट गाड़ियों को डिप्टी सीएम ने तत्काल प्रभाव से वापस करने का आदेश दिया है। इस फैसले के साथ ही उन्होंने अपने कारकेड में तैनात सुरक्षा स्टाफ और वाहनों को विभाग को सौंप दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस कदम को 'साहसिक और प्रेरणादायक' माना जा रहा है।

“मोदी का आह्वान केवल सुझाव नहीं, राष्ट्र निर्माण का मंत्र”

अपने इस बड़े फैसले पर बात करते हुए जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हर आह्वान राष्ट्रहित से जुड़ा होता है। उन्होंने कहा:

“प्रधानमंत्री की अपील केवल एक सुझाव नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण मंत्र है। पेट्रोलियम ईंधनों की बचत आज की सबसे बड़ी अनिवार्य आवश्यकता है। यह कदम न केवल सरकारी खजाने पर आर्थिक बोझ को कम करेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।”

आम जनता के लिए बना मिसाल: “बचत ही उत्पादन है”

डिप्टी सीएम ने केवल सरकारी स्तर पर ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों से भी अपनी जीवनशैली में बदलाव लाने का आग्रह किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऊर्जा की बचत ही वास्तव में ऊर्जा का उत्पादन है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार लगातार फिजूलखर्ची को कम करने और संसाधनों के सही उपयोग पर ध्यान दे रही है। देवड़ा का यह कदम उसी कड़ी का एक हिस्सा है।

क्यों खास है यह फैसला?

वीआईपी कल्चर पर चोट: मध्य प्रदेश में वीआईपी प्रोटोकॉल को खुद से दूर कर देवड़ा ने जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश भेजा है।

पर्यावरण और अर्थव्यवस्था: पेट्रोलियम की बचत से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि राजस्व की भी बड़ी बचत होगी।

अनुशासन का संदेश: यह फैसला अन्य मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी एक उदाहरण पेश करता है।

मध्य प्रदेश की राजनीति में इस समय यह खबर 'टॉक ऑफ द टाउन' बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भी लोग उपमुख्यमंत्री की इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं, क्योंकि एक ऐसे समय में जब नेता सुविधाओं के लिए जद्दोजहद करते हैं, जगदीश देवड़ा ने उन्हें मुस्कुराते हुए त्याग दिया।


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