भोपाल: मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आ रही है। अगर आप भी लंबे समय से मनचाही पोस्टिंग या गृह जिले में वापसी का इंतजार कर रहे हैं, तो आपका यह इंतजार अब खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार साल 2026 की नई तबादला नीति लागू करने की पूरी तैयारी कर चुकी है। सूत्रों की मानें तो 20 से 25 मई के बीच प्रदेश में तबादलों पर लगा प्रतिबंध हटाया जा सकता है।
कैबिनेट में जल्द लगेगी मुहर, GAD ने तैयार किया ड्राफ्ट
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने नई तबादला नीति का खाका (Draft) पूरी तरह तैयार कर लिया है। खबर है कि सोमवार, 11 मई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए पेश किया जाए। सरकार की योजना है कि जून के अंत तक सभी स्थानांतरण प्रक्रियाओं को पारदर्शी तरीके से पूरा कर लिया जाए, ताकि जुलाई से शुरू होने वाले नए सत्र और प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए।
इन कर्मचारियों को मिलेगी प्राथमिकता: क्या हैं नए नियम?
नई नीति में मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोपरि रखा गया है। इस बार निम्नलिखित श्रेणियों को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है:
गंभीर बीमारी: कैंसर, किडनी फेलियर या दिल की बीमारी से जूझ रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलेगी।
स्वैच्छिक तबादला: जो कर्मचारी स्वेच्छा से ट्रांसफर चाहते हैं, उनके लिए इस बार नियमों में ढील दी जा सकती है।
लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारी: जो अधिकारी-कर्मचारी एक ही तहसील या विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से पदस्थ हैं, उनका तबादला प्रशासनिक आधार पर किया जाएगा।
गृह विधानसभा/तहसील: अपने परिवार के नजदीक पोस्टिंग चाहने वाले कर्मचारियों को भी इस बार मौका मिलने की प्रबल संभावना है।
प्रभारी मंत्रियों का बढेगा 'पावर', कलेक्टर की होगी अहम भूमिका
इस साल की तबादला नीति में एक बार फिर जिलों के प्रभारी मंत्रियों का दबदबा देखने को मिलेगा। चर्चा है कि जिला स्तरीय तबादलों के लिए प्रभारी मंत्री की 'हरी झंडी' अनिवार्य होगी। बिना उनकी सहमति के कोई भी सूची जारी नहीं की जा सकेगी।
वहीं, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया कलेक्टर स्तर से शुरू होगी। प्रस्ताव पहले कलेक्टर के पास जाएंगे, जिसके बाद प्रभारी मंत्री और विभागीय मंत्री के समन्वय से अंतिम निर्णय लिया जाएगा। राज्य स्तरीय (प्रथम और द्वितीय श्रेणी) अधिकारियों के तबादले संबंधित विभाग के मंत्रियों के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय के समन्वय से किए जाएंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग के लिए अलग रणनीति
ध्यान देने वाली बात यह है कि स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को इस सामान्य तबादला नीति के दायरे से बाहर रखा जा सकता है। शिक्षा विभाग के लिए सरकार अलग से एक विशेष पॉलिसी जारी करेगी, ताकि शैक्षणिक सत्र के दौरान स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो।
एक महीने की मिलेगी छूट
संभावना जताई जा रही है कि तबादलों से बैन हटने की यह छूट केवल एक महीने (लगभग 20 जून तक) के लिए दी जाएगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही सामान्य प्रशासन विभाग आधिकारिक समय-सारणी (Schedule) और दिशा-निर्देश जारी कर देगा।
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