राजगढ़/माचलपुर। राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने कार्रवाई की है। जमीन के नामांतरण के बदले 7 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में महिला पटवारी और उसके कथित निजी बिचौलिए को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई जीरापुर की सिरपोई कॉलोनी स्थित निजी कार्यालय में की गई।
लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जमीन के नामांतरण के लिए मांगी रिश्वत
मामला ग्राम खेजड़िया से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राम प्रसाद दांगी निवासी ग्राम श्यामपुरा, जीरापुर ने अपनी जमीन के नामांतरण के लिए आवेदन किया था। शिकायत के अनुसार उनकी ग्राम खेजड़िया स्थित खसरा नंबर 407/1 की भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी।
आवेदक ने जब नामांतरण आवेदन की स्थिति जानने के लिए हल्का नंबर 78 ग्राम खेजड़िया की पटवारी सीमा दांगी से संपर्क किया, तो कथित रूप से उनसे 7 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार बिना पैसे के नामांतरण का काम करने से इनकार किया गया। इसके बाद आवेदक ने रिश्वत देने के बजाय लोकायुक्त पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया।
13 अगस्त को लोकायुक्त में शिकायत
राम प्रसाद दांगी ने 13 अगस्त को लोकायुक्त पुलिस भोपाल में लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया।
सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई की तैयारी शुरू की। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देश पर ट्रैप टीम गठित की गई।
टीम ने शिकायतकर्ता को निर्धारित रकम के साथ आरोपियों के पास भेजने की योजना बनाई।
निजी कार्यालय में बिछाया गया जाल
लोकायुक्त टीम ने जीरापुर की सिरपोई कॉलोनी स्थित पटवारी के निजी कार्यालय के आसपास निगरानी शुरू की। टीम के सदस्य आसपास तैनात रहे।
योजना के अनुसार शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर मौके पर पहुंचा। पुलिस के अनुसार 7 हजार रुपये की रिश्वत महिला पटवारी सीमा दांगी को उनके कथित सहयोगी जमना प्रसाद उर्फ बबलू, पिता श्यामलाल वर्मा, निवासी जीरापुर के माध्यम से दी गई।
रिश्वत की रकम का लेन-देन होते ही लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर पकड़ लिया।
केमिकल टेस्ट में सामने आया प्रमाण
कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने रिश्वत के लेन-देन की पुष्टि के लिए नियमानुसार केमिकल टेस्ट किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के हाथ धुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया।
लोकायुक्त कार्रवाई में इस तरह की रासायनिक जांच रिश्वत की रकम के संपर्क की पुष्टि के लिए की जाती है। इसके बाद मौके पर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने महिला पटवारी सीमा दांगी और जमना प्रसाद उर्फ बबलू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है।
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने दोनों आरोपियों से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी जुटाई। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
लोकायुक्त पुलिस अब यह भी जांच करेगी कि रिश्वत मांगने और लेने की कथित प्रक्रिया में दोनों आरोपियों की भूमिका क्या थी तथा नामांतरण से जुड़े मामले में अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं थी।
लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई
ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह ने किया। कार्रवाई में निरीक्षक रजनी तिवारी, जीएस ले, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक मनमोहन साहू, रवि शर्मा, प्रसेनजीत, हेमेन्द्र पाल, हिम्मत सिंह और महिला आरक्षक रक्षा परमार शामिल रहीं।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
नोट: आरोपियों पर लगाए गए आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *