टेकराम सिंह ठाकुर, विशेष संवाददाता, सागर। सागर पुलिस ने साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कथित संगठित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बेरोजगार लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी फर्म और म्यूल बैंक खाते खुलवाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 2 करोड़ 69 लाख 42 हजार 700 रुपये नकद, करीब 30 लाख रुपये कीमत का सोना, नोट गिनने की मशीन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों, फर्जी फर्मों और ऑनलाइन लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।
शिकायत से खुला फर्जी बैंक खातों का राज
मामले की शुरुआत मकरोनिया थाना क्षेत्र निवासी रोहित पटेल की शिकायत से हुई। पुलिस को दी गई शिकायत में रोहित ने आरोप लगाया कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर ग्लैमर इंटरप्राइजेस नाम की फर्म तैयार की गई। इसके बाद फेडरल बैंक में इस फर्म के नाम से करंट अकाउंट खोला गया।
पुलिस ने बैंक खाते की जांच की तो फरवरी 2026 से करीब छह महीने की अवधि में लगभग 90 लाख रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया। पुलिस ने बैंक खातों, फर्मों से जुड़े दस्तावेजों, मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की।
कमीशन का लालच देकर लेते थे दस्तावेज
जांच के दौरान पुलिस को कथित नेटवर्क के काम करने के तरीके के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवाओं और अन्य लोगों को कमीशन तथा आसान कमाई का लालच देते थे।
लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज लिए जाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म तैयार कर निजी बैंकों में करंट अकाउंट खुलवाए जाते थे।
पुलिस को संदेह है कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े लेन-देन और संदिग्ध रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था। जांच एजेंसियां अब ऐसे सभी खातों और उनमें हुए लेन-देन का विश्लेषण कर रही हैं।
छह आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान धर्मेन्द्र नाहर, सोनू दांगी, अमित विश्वकर्मा, विपिन गिरी, स्वर्णेन्द्र पांडे और रिषभ पटेल को गिरफ्तार किया है।
वहीं सरमन उर्फ शुभम रैकवार और ऋषिकेशव सिंह फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार आरोपी रिषभ पटेल ऑनलाइन बेटिंग के संचालन से जुड़ा हुआ था। उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में नकदी और सोना बरामद किया गया है। पुलिस अब उससे नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और लेन-देन से जुड़े स्रोतों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
30 से ज्यादा फर्जी फर्मों की जानकारी
जांच में पुलिस को अब तक 30 से अधिक फर्जी फर्मों के बारे में जानकारी मिली है। इनमें ग्लैमर इंटरप्राइजेस, भूपेन्द्र इंटरप्राइजेस, सूर्या इंटरप्राइजेस, समृद्धि टूर एंड ट्रेवल्स, कार्तिक इलेक्ट्रॉनिक्स, सागर ट्रेडर्स, महाकाल ट्रेडर्स और बालाजी ट्रेडर्स सहित कई नाम सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार इन फर्मों से जुड़े बैंक खातों के शुरुआती विश्लेषण में 5.50 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन का पता चला है। अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इन फर्मों के नाम पर कितने बैंक खाते खोले गए और उनमें कितनी रकम का लेन-देन हुआ।
करोड़ों की नकदी ने बढ़ाई जांच
पुलिस की कार्रवाई में 2.69 करोड़ रुपये से अधिक नकद मिलने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। इसके साथ करीब 30 लाख रुपये का सोना और नोट गिनने की मशीन भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
जांच टीम अब बरामद नकदी और सोने के स्रोत की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी से कथित तौर पर जुड़ी रकम किन खातों में पहुंचती थी और बाद में किस तरह निकाली या ट्रांसफर की जाती थी।
दो आरोपियों से रिमांड में पूछताछ
पुलिस ने अमित विश्वकर्मा और रिषभ पटेल को आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। दोनों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क के दूसरे सदस्यों, फर्जी फर्मों, बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और कथित वित्तीय लेन-देन की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिलहाल सागर पुलिस की इस कार्रवाई ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बैंक खाते खुलवाकर ऑनलाइन सट्टेबाजी और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे नेटवर्क की वित्तीय कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *