
शुभम् जैन, विदिशा (ग्यारसपुर):** मध्य प्रदेश में एक तरफ सरकार 'जय किसान' के नारे लगा रही है, तो दूसरी तरफ भ्रष्टाचार की दीमक अन्नदाता की मेहनत को चाट रही है। विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील के **हैदरगढ़ स्थित खिरिया जागीर व्हाइटफील्ड वेयरहाउस** गेहूं उपार्जन केंद्र पर जो खेल चल रहा है, उसे जानकर आपकी रूह कांप जाएगी। यहाँ भ्रष्टाचार अब 'स्मार्ट' हो गया है—रिश्वत सिर्फ नकद नहीं, बल्कि **PhonePe** के जरिए डिजिटल तरीके से वसूली जा रही है।
### **सर्वेयर का 'डिजिटल कांड': स्क्रीनशॉट ने खोली पोल**
कहते हैं कि चोर कितना भी शातिर क्यों न हो, सुराग छोड़ ही देता है। हैदरगढ़ केंद्र पर तैनात सर्वेयर **करण लोधी** ने शायद सोचा नहीं था कि उसकी डिजिटल डिमांड ही उसका काल बन जाएगी। 22 तारीख को एक पीड़ित किसान जब अपनी मेहनत की फसल लेकर केंद्र पहुंचा, तो उसकी हाई-क्वालिटी फसल में भी कमियां निकालकर काम रोकने की धमकी दी गई।
आरोप है कि सर्वेयर ने काम आगे बढ़ाने के बदले ₹500 का ऑनलाइन भुगतान (PhonePe) करवाया और ₹100 नकद झटक लिए। किसान ने हार मानकर पैसे तो दे दिए, लेकिन डिजिटल पेमेंट का **स्क्रीनशॉट** लेकर उसे भ्रष्टाचार का पुख्ता सबूत बना दिया।
### **25 किलो गेहूं की सीधी चोरी: सुविधाओं के नाम पर 'जीरो'**
किसानों की परेशानी यहीं खत्म नहीं होती। केंद्र पर खुलेआम 'डकैती' का आलम यह है कि हर ट्रॉली से **20 से 25 किलो गेहूं** जबरन काट लिया जा रहा है। जब किसान विरोध करता है, तो उसे रिजेक्ट करने की धमकी दी जाती है।
> **"44 डिग्री का पारा और सिस्टम की बेरुखी"**
> आसमान से आग बरस रही है, पारा 44 डिग्री पार कर चुका है, लेकिन इस उपार्जन केंद्र पर किसानों के लिए न तो सिर छिपाने को टेंट है, न पीने का ठंडा पानी। अन्नदाता सुबह से शाम तक बिना छाया के लाइन में लगने को मजबूर है।
>
### **प्रशासनिक हड़कंप: SDM के आदेश पर बना पंचनामा**
जैसे ही डिजिटल वसूली और बदहाली की खबर आग की तरह फैली, प्रशासनिक अमला हरकत में आया। **SDM शशि मिश्रा** ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। नायब तहसीलदार **राजेंद्र सेन** ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर किसानों के बयान दर्ज किए और पंचनामा तैयार किया।
SDM मिश्रा का कहना है कि: *"जांच रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय भेज दी गई है। भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा, दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।"*
### **आंदोलन की सुगबुगाहट: क्या मिटेगी किसानों की पीड़ा?**
इस खुली लूट से हैदरगढ़ के किसानों में भारी आक्रोश है। किसान संगठनों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सर्वेयर करण लोधी और भ्रष्ट स्टाफ पर तत्काल गाज नहीं गिरी, तो वे सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
**सवाल बड़ा है:** क्या MSP का लाभ वाकई किसान को मिल रहा है? या फिर सरकारी दावों की आड़ में बिचौलिए और भ्रष्ट कर्मचारी अपनी जेबें गरम कर रहे हैं? विदिशा का यह मामला पूरे सिस्टम पर एक बड़ा तमाचा है।
Leave a comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *