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छत्तीसगढ़ में नई रेल सेवाएं शुरू, रावघाट पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा

21-10-2026  Vidisha Bharti Desk  26 views
छत्तीसगढ़ में नई रेल सेवाएं शुरू, रावघाट पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन से रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर ताड़ोकी-रावघाट और अभनपुर-कुरूद रेलखंडों का लोकार्पण किया गया, वहीं राजधानी रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा की आधारशिला भी रखी गई।

इस रेल पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि रावघाट तक रेल संपर्क का स्थापित होना है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ यह क्षेत्र पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा है। बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ तथा जनजातीय अंचलों के लिए इसे विकास की संभावनाओं का नया रास्ता माना जा रहा है।

नई रेल सेवाओं से यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।

रावघाट तक रेल पहुंचना बस्तर के लिए बड़ी उपलब्धि

छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ना लंबे समय से महत्वपूर्ण बुनियादी जरूरतों में शामिल रहा है। रावघाट तक रेल लाइन पहुंचने से इस दिशा में एक अहम पड़ाव पार हुआ है। अब तक जिन क्षेत्रों में लंबी दूरी का सफर मुख्य रूप से सड़क मार्ग पर निर्भर था, वहां रेल संपर्क भविष्य में आवागमन के नए विकल्प उपलब्ध करा सकता है।

रेल कनेक्टिविटी का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहता। इससे स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने, व्यापारिक गतिविधियां बढ़ाने और औद्योगिक विकास के लिए बेहतर परिवहन आधार तैयार करने में मदद मिल सकती है। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए दूसरे शहरों की यात्रा करने वाले लोगों को भी बेहतर संपर्क का लाभ मिलने की संभावना है।

दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लगभग 1,628 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की कुल लंबाई करीब 95 किलोमीटर है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेलखंड का निर्माण पूरा होने के बाद रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित हुआ है।

मुख्यमंत्री बोले—दूरस्थ अंचलों तक पहुंचेंगी आधुनिक सुविधाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल अधोसंरचना का विस्तार तेजी से हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकार का प्रयास है कि आधुनिक रेल सुविधाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि बस्तर और सरगुजा सहित दूरस्थ तथा जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने रावघाट तक रेल पहुंचने को बस्तर के विकास की नई संभावनाओं से जोड़ते हुए कहा कि रेल संपर्क से लोगों का आवागमन आसान होता है, बाजारों तक पहुंच बढ़ती है और उद्योगों तथा निवेश को प्रोत्साहन मिलता है। इससे युवाओं के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि विजयादशमी के अवसर पर मिली यह सौगात प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। रावघाट-रायपुर और रायपुर-कुरूद यात्री सेवाएं राज्य की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

छत्तीसगढ़ में रेल परियोजनाओं पर 54 हजार करोड़ रुपये का काम

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में लगभग 54 हजार करोड़ रुपये की रेल विकास परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इस वर्ष रेलवे ने छत्तीसगढ़ के लिए 7,470 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।

रेल मंत्री ने रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित होने और नई यात्री सेवाओं की शुरुआत को विकास यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

रावघाट-जगदलपुर-कोरापुट-विशाखापत्तनम रेल संपर्क के विस्तार की दिशा में प्रयासों से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ की कनेक्टिविटी देश के प्रमुख रेल नेटवर्क तथा आर्थिक केंद्रों से और मजबूत होने की उम्मीद है।

रायपुर में बनेगी आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा

कार्यक्रम के दौरान रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस सुविधा की आधारशिला भी रखी गई। रेलवे के बढ़ते नेटवर्क और इलेक्ट्रिक रेल परिचालन की जरूरतों को देखते हुए ऐसी सुविधाएं महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इनके माध्यम से इंजनों के रखरखाव और तकनीकी सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

रेलवे के बुनियादी ढांचे का विस्तार तभी प्रभावी होता है, जब नई रेल लाइनों और यात्री सेवाओं के साथ रखरखाव, परिचालन और तकनीकी व्यवस्थाएं भी मजबूत हों। रायपुर में प्रस्तावित सुविधा को इसी व्यापक जरूरत के संदर्भ में देखा जा रहा है।

रायपुर-कुरूद रेल सेवा से क्षेत्रीय संपर्क को मिलेगा बल

रायपुर-कुरूद यात्री रेल सेवा की शुरुआत से क्षेत्रीय आवागमन के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है। बेहतर रेल संपर्क से यात्रियों को सुविधा मिल सकती है और सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। अभनपुर-कुरूद रेलखंड का लोकार्पण भी इस कनेक्टिविटी विस्तार का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हालांकि, नई सेवाओं का वास्तविक लाभ उनके समय-सारिणी, ठहराव, किराये और नियमित परिचालन पर निर्भर करेगा। यात्रियों को यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक समय-सारिणी और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।

रेल नेटवर्क से विकास की नई संभावनाएं

छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार राज्य के दूरस्थ इलाकों को मुख्यधारा के परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रावघाट तक रेल पहुंचने से बस्तर क्षेत्र में भविष्य की परियोजनाओं और आर्थिक गतिविधियों के लिए आधार मजबूत हो सकता है। वहीं रायपुर-कुरूद सेवा क्षेत्रीय यात्रियों के लिए संपर्क का नया विकल्प लेकर आई है।

अब इन परियोजनाओं की सफलता इस बात से भी आंकी जाएगी कि नियमित रेल सेवाओं से स्थानीय लोगों को कितनी सुविधा मिलती है और व्यापार, रोजगार तथा सामाजिक विकास के अवसर किस हद तक बढ़ते हैं।

कुल मिलाकर, रावघाट तक रेल संपर्क, रायपुर-कुरूद यात्री सेवा और रायपुर में आधुनिक मेंटेनेंस सुविधा की पहल छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आने वाले समय में इन परियोजनाओं से बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों को कितना लाभ मिलता है, इस पर सबकी निगाहें रहेंगी।


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