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भोपाल पहुंचा MP सरकार का 250 करोड़ का बॉम्बार्डियर चैलेंजर

21-10-2026  Vidisha Bharti Desk  64 views
भोपाल पहुंचा MP सरकार का 250 करोड़ का बॉम्बार्डियर चैलेंजर

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार का नया अत्याधुनिक जेट विमान भोपाल पहुंच गया है। करीब 250 करोड़ रुपये की लागत वाला बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 स्टेट हैंगर में पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री और प्रदेश के अन्य वीआईपी की हवाई यात्राओं के लिए खरीदे गए इस विमान के आने के साथ ही सरकारी विमानन बेड़े में नई सुविधा जुड़ गई है। हालांकि, विमान के पहुंचने के बावजूद तत्काल उड़ान शुरू नहीं हो सकेगी। इसके लिए अभी करीब 45 दिन तक इंतजार करना पड़ सकता है।

विमान के नियमित संचालन से पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की मंजूरी, पंजीयन और जरूरी तकनीकी जांच की प्रक्रिया पूरी की जानी है। इन औपचारिकताओं के बाद ही विमान को उड़ान की अनुमति मिलने का रास्ता साफ होगा।

जुलाई 2024 में मिली थी खरीद को मंजूरी

मध्यप्रदेश सरकार ने नए विमान की खरीद को जुलाई 2024 में मंजूरी दी थी। अब विमान के भोपाल पहुंचने के बाद इसके संचालन की तैयारियां अगले चरण में पहुंच गई हैं। करीब पांच साल बाद प्रदेश सरकार अपने विमान से हवाई सफर करने की तैयारी में है। इस अवधि में सरकारी यात्राओं के लिए चार्टर्ड विमानों पर निर्भरता बनी रही।

नए जेट की खरीद को सरकार के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, विमान की वास्तविक परिचालन शुरुआत मंजूरियों और तकनीकी प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी।

नौ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था

बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 को आधुनिक सुविधाओं और आरामदायक सफर के लिए जाना जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विमान में नौ यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। यह लंबी दूरी की यात्राओं के लिए तैयार किया गया बिजनेस जेट है, जिससे मुख्यमंत्री और अन्य अधिकृत वीआईपी की यात्राएं की जा सकेंगी।

विमान की बताई गई उड़ान क्षमता करीब 6,297 किलोमीटर तक है। इससे प्रदेश के भीतर और देश के विभिन्न हिस्सों तक हवाई यात्राओं में सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक दूरी मौसम, यात्रियों और सामान के भार तथा अन्य परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर कर सकती है।

चार्टर्ड विमानों का खर्च घटाने का दावा

सरकार की ओर से नए विमान की खरीद के पीछे चार्टर्ड विमानों पर होने वाले खर्च में कमी को प्रमुख वजह बताया गया है। दावा है कि अपने विमान के नियमित संचालन से चार्टर्ड विमानों पर होने वाला मासिक खर्च घटकर करीब एक-तिहाई रह सकता है।

यदि यह अनुमान व्यवहार में सही साबित होता है, तो सरकारी यात्राओं के खर्च में कमी आ सकती है। हालांकि, इस आकलन को परखने के लिए विमान के संचालन, रखरखाव, ईंधन, चालक दल और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च का भी हिसाब जरूरी होगा। केवल खरीद मूल्य के आधार पर कुल बचत का आकलन नहीं किया जा सकता।

मंजूरियों के बाद ही भरेगा उड़ान

विमान भोपाल पहुंच चुका है, लेकिन उसे यात्रियों के साथ उड़ान भरने से पहले नियामकीय और तकनीकी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। DGCA की मंजूरी, पंजीयन और आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही नियमित संचालन शुरू हो सकेगा। फिलहाल करीब 45 दिन का संभावित इंतजार बताया जा रहा है।

कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश सरकार के नए जेट के आने से सरकारी हवाई यात्राओं की व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि विमान को सभी जरूरी मंजूरियां कब मिलती हैं और सरकार की पहली आधिकारिक उड़ान कब शुरू होती है।


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